धर्म-अध्यात्म

सावन सोमवार पर बनेगा दुर्लभ बुधादित्य योग, इन 5 राशियों की बदल सकती है तकदीर

Ratna Netam
7 Aug 2026 5:13 PM IST
सावन सोमवार पर बनेगा दुर्लभ बुधादित्य योग, इन 5 राशियों की बदल सकती है तकदीर
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धर्म : सावन का महीना भगवान शिव की आराधना, व्रत और जलाभिषेक के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को पड़ रहा है और इस दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग भी बन रहा है। सूर्य और बुध की युति से बनने वाला **बुधादित्य योग** इस सोमवार को और अधिक शुभ बना रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग बुद्धि, आत्मविश्वास, सफलता, सम्मान और आर्थिक उन्नति का कारक माना जाता है। ऐसे में शिवभक्तों के लिए यह दिन पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने, बेलपत्र अर्पित करने और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। वहीं, जब इस दिन बुधादित्य योग जैसा शुभ संयोग बनता है, तब पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह योग विशेष रूप से पांच राशियों के जातकों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इन राशियों के लोगों को करियर, व्यापार, धन, परिवार और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य और बुध एक ही राशि में विराजमान होते हैं, तब बुधादित्य योग का निर्माण होता है। सूर्य को आत्मबल, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों ग्रहों का मिलन व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उसे नई सफलताओं की ओर अग्रसर करता है। इसलिए इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है।
**मेष राशि**
के जातकों के लिए यह योग नए अवसर लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे भविष्य में पदोन्नति के रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को भी अच्छे लाभ के संकेत मिल रहे हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। भगवान शिव की आराधना से इन शुभ फलों में और वृद्धि होने की संभावना है।
**मिथुन राशि**
वालों के लिए बुधादित्य योग आर्थिक दृष्टि से लाभदायक साबित हो सकता है। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नए अनुबंध या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
**सिंह राशि**
के लोगों के लिए यह योग करियर और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें भी सकारात्मक समाचार मिलने की संभावना है। सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।
**तुला राशि**
के जातकों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और पारिवारिक सुख लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। यदि कोई नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सोच-समझकर लिया गया निर्णय लाभकारी साबित हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर में किसी शुभ समाचार के आने से खुशी का माहौल रहेगा। भगवान शिव की कृपा से कई अधूरे कार्य पूरे हो सकते हैं।
**मीन राशि**
वालों के लिए बुधादित्य योग मानसिक शांति और सफलता का संकेत दे रहा है। नौकरी और कारोबार दोनों में प्रगति के योग बन रहे हैं। लंबे समय से चल रही परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। भगवान शिव की आराधना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना प्रबल रहेगी।
धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार पर सुबह स्नान कर भगवान शिव का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद पुष्प अर्पित कर शिव चालीसा तथा महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना चाहिए। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि बुधादित्य योग केवल इन पांच राशियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए शुभ ऊर्जा लेकर आता है। हालांकि कुंडली में ग्रहों की व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार इसके प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इस दिन भगवान शिव की भक्ति, सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों के साथ दिन की शुरुआत करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है।
सावन का दूसरा सोमवार और बुधादित्य योग का यह दुर्लभ संयोग धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है। शिवभक्तों के लिए यह अवसर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने, जीवन की बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करने का श्रेष्ठ समय माना जा रहा है। श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ की गई पूजा निश्चित रूप से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
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