धर्म-अध्यात्म

Putrada Ekadashi 2025: इस आरती के बिना अधूरी है पुत्रदा एकादशी की पूजा

Sarita
5 Aug 2025 9:52 AM IST
Putrada Ekadashi 2025: इस आरती के बिना अधूरी है पुत्रदा एकादशी की पूजा
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Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है, जो हर साल सावन और पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है. सावन की पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त को मनाई जा रही है. इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. साथ ही, एकादशी का व्रत भी रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है.
अगर आप भी इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी-नारायण जी की कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो इस दिन पूजा के समय एकादशी माता की आरती जरूर करें. ऐसा करने से एकादशी माता आपसे प्रसन्न होंगी और विष्णु जी का आशीर्वाद भी मिलेगा.
एकादशी माता की आरती:
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता।
विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥
ॐ जय एकादशी.
तेरे नाम गिनाऊं देवी,भक्ति प्रदान करनी।
गण गौरव की देनी माता,शास्त्रों में वरनी॥
ॐ जय एकादशी…
मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना,विश्वतारनी जन्मी।
शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा,मुक्तिदाता बन आई॥
ॐ जय एकादशी…
पौष के कृष्णपक्ष की,सफला नामक है।
शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा,आनन्द अधिक रहै॥
ॐ जय एकादशी…
नाम षटतिला माघ मास में,कृष्णपक्ष आवै।
शुक्लपक्ष में जया, कहावै,विजय सदा पावै॥
ॐ जय एकादशी…
विजया फागुन कृष्णपक्ष मेंशुक्ला आमलकी।
पापमोचनी कृष्ण पक्ष में,चैत्र महाबलि की॥
ॐ जय एकादशी…
चैत्र शुक्ल में नाम कामदा,धन देने वाली।
नाम वरूथिनी कृष्णपक्ष में,वैसाख माह वाली॥
ॐ जय एकादशी…
शुक्ल पक्ष में होयपुत्रदा अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।
नाम निर्जला सब सुख करनी,शुक्लपक्ष रखी॥
ॐ जय एकादशी…
योगिनी नाम आषाढ में जानों,कृष्णपक्ष करनी।
देवशयनी नाम कहायो,शुक्लपक्ष धरनी॥
ॐ जय एकादशी…
कामिका श्रावण मास में आवै,कृष्णपक्ष कहिए।
श्रावण शुक्ला होयपवित्रा आनन्द से रहिए॥
ॐ जय एकादशी…
अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की,परिवर्तिनी शुक्ला।
इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में,व्रत से भवसागर निकला॥
ॐ जय एकादशी…
पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में,आप हरनहारी।
रमा मास कार्तिक में आवै,सुखदायक भारी॥
ॐ जय एकादशी…
देवोत्थानी शुक्लपक्ष की,दुखनाशक मैया।
पावन मास में करूंविनती पार करो नैया॥
ॐ जय एकादशी…
परमा कृष्णपक्ष में होती,जन मंगल करनी।
शुक्ल मास में होयपद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥
ॐ जय एकादशी…
जो कोई आरती एकादशी की,भक्ति सहित गावै।
जन गुरदिता स्वर्ग का वासा,निश्चय वह पावै॥
ॐ जय एकादशी…
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