धर्म-अध्यात्म

Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी पर करें तुलसी से जुड़ा ये उपाय, कर्ज और रोग से मिलेगी मुक्ति

Sarita
3 Aug 2025 12:09 PM IST
Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी पर करें तुलसी से जुड़ा ये उपाय, कर्ज और रोग से मिलेगी मुक्ति
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Putrada Ekadashi 2025: एकादशी हिंदू धर्म का प्रमुख व्रत है, जिसे हर महीने की ग्यारहवीं तिथि पर रखा जाता है। इस दिन सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। इसके प्रभाव से साधक की सभी इच्छाएं पूरी और जीवन में सुख-समृद्धि वास करती हैं। यह तिथि महिलाओं के लिए अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। दरअसल, एकादशी पर तुलसी पूजन का विधान है। इसके प्रभाव से वैवाहिक जीवन सुखमय और रिश्ते मजबूत होते हैं। इस दौरान पुत्रदा एकादशी पर तुलसी पूजन करना और भी लाभकारी माना जाता है। बता दें, तुलसी को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इसलिए इस दिन उनके पास दीप जलाने और आरती करने से संतान सुख के योग बनते हैं। यही नहीं संतान प्राप्ति का आशीर्वाद भी महिलाओं को मिलता है। इस बार 5 अगस्त को पुत्रदा एकादशी है। इस तिथि पर ज्येष्ठा नक्षत्र और ऐन्द्र योग बना रहेगा। इस संयोग में देवी तुलसी के 108 नामों का स्मरण करने पर कर्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
।।तुलसी जी के 108 नाम।।
1.ॐ श्री तुलस्यै नमः।
2.ॐ नन्दिन्यै नमः।
3.ॐ देव्यै नमः।
4.ॐ शिखिन्यै नमः।
5.ॐ धारिण्यै नमः।
6.ॐ धात्र्यै नमः।
7.ॐ सावित्र्यै नमः।
8.ॐ सत्यसन्धायै नमः।
9.ॐ कालहारिण्यै नमः।
10.ॐ गौर्यै नमः।
11.ॐ देवगीतायै नमः।
12.ॐ द्रवीयस्यै नमः।
13.ॐ पद्मिन्यै नमः।
14.ॐ सीतायै नमः।
15.ॐ रुक्मिण्यै नमः।
16.ॐ प्रियभूषणायै नमः।
17.ॐ श्रेयस्यै नमः।
18.ॐ श्रीमत्यै
19.ॐ मान्यायै नमः।
20.ॐ गौर्यै नमः।
21.ॐ गौतमार्चितायै नमः।
22.ॐ त्रेतायै नमः।
23.ॐ त्रिपथगायै नमः।
24.ॐ त्रिपादायै नमः।
25.ॐ त्रैमूर्त्यै नमः।
26.ॐ जगत्रयायै नमः।
27.ॐ त्रासिन्यै नमः।
28.ॐ गात्रायै नमः।
29.ॐ गात्रियायै नमः।
30.ॐ गर्भवारिण्यै नमः।
31.ॐ शोभनायै नमः।
32.ॐ समायै नमः।
33.ॐ द्विरदायै नमः।
34.ॐ आराद्यै नमः।
35.ॐ यज्ञविद्यायै नमः।
36.ॐ महाविद्यायै नमः।
37.ॐ गुह्यविद्यायै नमः।
38.ॐ कामाक्ष्यै नमः।
39.ॐ कुलायै नमः।
40.ॐ श्रीयै नमः।
41.ॐ भूम्यै नमः।
42.ॐ भवित्र्यै नमः।
43.ॐ सावित्र्यै नमः।
44.ॐ सरवेदविदाम्वरायै नमः।
45.ॐ शंखिन्यै नमः।
46.ॐ चक्रिण्यै नमः।
47.ॐ चारिण्यै नमः।
48.ॐ चपलेक्षणायै नमः।
49.ॐ पीताम्बरायै नमः।
50.ॐ प्रोत सोमायै नमः।
51.ॐ सौरसायै नमः।
52.ॐ अक्षिण्यै नमः।
53.ॐ अम्बायै नमः।
54.ॐ सरस्वत्यै नमः।
55.ॐ सम्श्रयायै नमः।
56.ॐ सर्व देवत्यै नमः।
57.ॐ विश्वाश्रयायै नमः।
58.ॐ सुगन्धिन्यै नमः।
59.ॐ सुवासनायै नमः।
60.ॐ वरदायै नमः।
61.ॐ सुश्रोण्यै नमः।
62.ॐ चन्द्रभागायै नमः।
63.ॐ यमुनाप्रियायै नमः।
64.ॐ कावेर्यै नमः।
65.ॐ मणिकर्णिकायै नमः।
66.ॐ अर्चिन्यै नमः।
67.ॐ स्थायिन्यै नमः।
69.ॐ धनवत्यै नमः।
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