धर्म-अध्यात्म

Premanand Maharaj: वृंदावन पहुंचीं क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, प्रेमानंद महाराज ने पढ़ाया सावधानी का पाठ

Sarita
6 Jan 2026 9:34 AM IST
Premanand Maharaj: वृंदावन पहुंचीं क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, प्रेमानंद महाराज ने पढ़ाया सावधानी का पाठ
x
Premanand Maharaj: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर और 2025 विश्व कप की विजेता दीप्ति शर्मा हाल ही में भक्ति के रंग में डूबी नजर आईं. दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल करने के बाद, दीप्ति शर्मा आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद के लिए वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं. इस मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने न केवल दीप्ति को आशीर्वाद दिया, बल्कि जीवन और खेल में निरंतर सफलता बनाए रखने के लिए कुछ ऐसी बातें कहीं, जो हर उभरते खिलाड़ी के लिए प्रेरणा बन गई हैं|
आपकी जीत, पूरे भारत की मुस्कान है:
प्रेमानंद महाराज ने दीप्ति शर्मा से खेल के महत्व को अध्यात्म से जोड़ते हुए कहा, यह केवल एक खेल नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सुख का आधार है. जब आप मैदान पर जीतती हैं, तो वह जीत सिर्फ आपकी नहीं होती हर भारतवासी को ऐसा महसूस होता है कि वह खुद जीत गया है. प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि लोगों के चेहरों पर खुशी लाना भी ईश्वर की सेवा और एक बड़ा परोपकार है|
जीत के बाद ढील नहीं, सावधानी जरूरी":
अक्सर देखा जाता है कि बड़ी कामयाबी मिलने के बाद खिलाड़ी या व्यक्ति थोड़ा ठहर जाता है, लेकिन प्रेमानंद महाराज ने दीप्ति को सावधानी का पाठ पढ़ाया. उन्होंने सफलता के तीन मुख्य स्तंभ बताए|
निरंतर अभ्यास: प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अभ्यास ही वह चाबी है जो आपको प्रवीण बनाती है. यदि अभ्यास रुक गया, तो विकास रुक जाएगा|
जीत के बाद की चुनौती: उन्होंने आगाह किया कि अक्सर जीत मिलने के बाद व्यक्ति मनोरंजन में खो जाता है या मेहनत कम कर देता है. असली खिलाड़ी वही है जो जीत के बाद और अधिक सावधान हो जाए और अपनी प्रवीणता बढ़ाने के लिए दुगनी मेहनत करे|
ईश्वर का चिंतन: कौशल के साथ-साथ मन की शांति के लिए भगवान का नाम जप और चिंतन बहुत ही आवश्यक है|
प्रेमानंद महाराज ने आखिर में दीप्ति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खिलाड़ी को कभी भी रुकना नहीं चाहिए, बल्कि अपनी सीमाओं को लांघते हुए देश का मान बढ़ाते रहना चाहिए|
Next Story