धर्म-अध्यात्म

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज से जानें मन दुखी हो तो उससे कैसे उबरें?

Sarita
3 Aug 2025 10:04 AM IST
Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज से जानें मन दुखी हो तो उससे कैसे उबरें?
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Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज से हम जानते हैं कि अगर मन दुखी या परेशान है, तो हम उससे कैसे उबर सकते हैं, इस पर प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि इसका एकमात्र उत्तर ईश्वर ही हैं। जब मन अशांत, व्याकुल या परेशान हो और कोई सहारा नज़र न आए, तो ईश्वर का सहारा लीजिए, इससे मन को बहुत शांति मिलती है। साथ ही, प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि राधा-राधा का नाम जपना शुरू कर दीजिए, ऐसा करने से सब ठीक हो जाएगा।
सभी दुखों का एकमात्र समाधान ईश्वर का नाम है। "दैहिक, दैविक, भौतिक तप, राम राज नहिं कहुहिं ब्यापा" यह प्रसिद्ध चौपाई रामचरित मानस से ली गई है और इसका अर्थ है कि ईश्वर का सहारा लीजिए, आपको बहुत शांति मिलेगी। खूब नाम जपिए, आपको शांति ही शांति मिलेगी। साथ ही, आपको सुख का अनुभव होगा। ईश्वर के सहारे के बिना शांति और आनंद नहीं मिल सकता। हर समस्या का एकमात्र सहारा ईश्वर ही हैं।
ईश्वर का नाम लेने से हम हर काम खुशी-खुशी कर पाएँगे। सुख और शांति केवल ईश्वर की कृपा से ही मिलती है। ईश्वर से बात करने की क्षमता नहीं, बल्कि हर काम करने की क्षमता होती है। यदि हम ईश्वर से जुड़े रहें, तो हर शारीरिक, मानसिक परिस्थिति से लड़कर आनंद और शांति का विस्तार किया जा सकता है। हम शांत रहेंगे और दूसरों को शांति प्रदान करेंगे, हम प्रसन्न रहेंगे और दूसरों को भी प्रसन्न करेंगे।
नाम जपने से ईश्वर के भक्त को अपने सभी कर्तव्य और कर्म करने की क्षमता स्वतः ही प्राप्त हो जाती है। खूब नाम जपें और आनंद और शांति प्राप्त करें। संतों के वचनों पर विश्वास करने लगें, तो परिणाम स्वतः ही मिलने लगेंगे।
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