धर्म-अध्यात्म

Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत पर भगवान शिव को चढ़ाएं ये चार फूल, पूरी होगी हर मनोकामना

Sarita
3 Sept 2025 12:45 PM IST
Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत पर भगवान शिव को चढ़ाएं ये चार फूल, पूरी होगी हर मनोकामना
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Pradosh Vrat:हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का बड़ा महत्व बताया गया है। यह अत्यंत पवित्र व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए रखा जाता है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। प्रत्येक माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है और इस दिन भगवान शिव के साथ उनके पूरे शिव परिवार की उपासना की जाती है। संपूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण किया जाता है। मान्यताओँ के अनुसार प्रदोष व्रत के अवसर पर भगवान शिव को उनके प्रिय पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन भगवान शिव को कौन से फूल अर्पित करने चाहिए।
सितंबर का पहला प्रदोष व्रत कब है?
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5 सितंबर को सुबह 4:08 बजे से आरंभ होकर 6 सितंबर को सुबह 3:12 बजे तक रहेगी। ऐसे में प्रदोष व्रत 5 सितंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह दिन शुक्रवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ समय शाम 6:38 बजे से रात 8:55 बजे तक रहेगा।
प्रदोष व्रत पर अर्पित किए जाने वाले पुष्प:
कनेर का फूल :
माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को कनेर का फूल अर्पित करने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं। यह पुष्प लाल और सफेद दोनों रंगों के होते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
शमी का फूल :
वेद-पुराणों में शमी वृक्ष और उसके फूल को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदोष व्रत पर भी भोलेनाथ को शमी का फूल अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह फूल भगवान शिव के प्रियतम पुष्पों में से एक है।
आक का फूल :
शिवजी को आक का फूल चढ़ाना प्रदोष के दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होती हैं और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
महादेव को धतूरा विशेष रूप से प्रिय है। प्रदोष व्रत पर इसका फूल और फल दोनों ही शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। इससे पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
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