धर्म-अध्यात्म

Pradosh Vrat 2025: आज आखिरी प्रदोष व्रत, इन चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक

Sarita
11 March 2025 10:05 AM IST
Pradosh Vrat 2025: आज आखिरी प्रदोष व्रत, इन चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक
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Pradosh Vrat 2025: हिन्दू पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इस व्रत को बहुत विशेष माना गया है। बता दे भक्त इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते है और उन्हें प्रसन्न करते है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी भक्त पूरे श्रद्धा भाव के साथ भगवान् शिव और माता पार्वती की पूजा करता है उस पर भगवान की कृपा जरूर प्राप्त होती है। जिससे व्यवसाय में सफलता मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तो चलिए जानते है भक्त आज के दिन इस किस तरह से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करे और उन्हें क्या अर्पित करे|
शिवलिंग पर अर्पित करें ये पवित्र वस्तुएं
आज के दिन भक्त भगवान शिव को बेलपत्र जरूर चढ़ाएं। मान्यता के अनुसार यदि कोई भक्त शिवलिंग का विशेष सामग्रियों से अभिषेक करता है तो उस पर महादेव की कृपा जरूर मिलती है। जैसे की आप सभी को पता है कि भगवान शिव को धतूरा आदि बहुत पसंद है ऐसे में अगर आप शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाते है तो संतान से जुड़ी सभी समस्याएं दूर होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, मन को शांति मिलती है। वही आप चंदन का तिलक लगाकर भगवान शिव से जीवन में खुशियों के लिए प्रार्थना करें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और महादेव प्रसन्न होते हैं।
प्रदोष व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 मार्च को सुबह 08:13 बजे प्रारंभ होकर 12 मार्च को सुबह 09:11 बजे समाप्त होगी. ऐसे में प्रदोष व्रत 11 मार्च, मंगलवार को ही रखा जा रहा है। बात दे कि मंगलवार के दिन पड़ने के चलते इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।
जानें प्रदोष व्रत की पूजा विधि
– इस दिन भक्त सुबह स्नान करके पूरे दिन उपवास रखे।
– शाम को पहले प्रहर में दोबारा स्नान करके साफ सफेद वस्त्र धारण करें।
– इसके बाद, ईशान कोण में पूजा स्थल चुनें।
– आप पूजा वाली जगह पर गंगाजल से शुद्ध करके एक मंडप तैयार करें।
– इस मंडप में पांच रंगों से कमल के फूल की आकृति बनाएं।
– फिर भगवान शिव की मूर्ति रख पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा अर्चना करें।
– भक्त इस बात का ध्यान रखे कि उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
– अंत आप “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
– भगवान शिव की पूजा के बाद हनुमान जी की पूजा भी करें।
– बात दें कि भक्त हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें क्योंकि यह भौम प्रदोष व्रत है।
– क्योंकि माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत के दिन हनुमान जी की पूजा करने से कर्ज से जल्द मुक्ति मिलती है
– इस व्रत को ऋणमोचन व्रत के रूप में भी श्रेष्ठ माना गया है।
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