धर्म-अध्यात्म

Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय, महादेव के साथ मिलेगा पितरों का भी आशीर्वाद

Sarita
17 Sept 2025 6:59 AM IST
Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय, महादेव के साथ मिलेगा पितरों का भी आशीर्वाद
x
Pradosh Vrat 2025: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शिव भक्त श्रद्धाभाव से प्रदोष व्रत रखते है। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव और उनके पूरे परिवार की पूजा-आराधना की जाती है। इस दौरान शिवभक्त विधि-विधान से शिवलिंग पर जलाभिषेक और प्रभु के समक्ष बेलपत्र चढ़ाते हैं। चूंकि इस दिन दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व है, इसलिए आमतौर पर वस्त्र, धन, भोजन और सफेद चीजों का दान किया जाता है।
शास्त्रों में प्रदोष व्रत की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है। कहा गया है कि यह व्रत करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अब चूंकि यह व्रत पितृ पक्ष में रखा जा रहा है, इसलिए इस दिन शिव जी के साथ-साथ कुछ अन्य खास मंत्रों का जाप करने से पूर्वजों का आशीर्वाद भी मिलता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
इस बार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 सितंबर को देर रात 11 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 19 सितंबर को देर रात 11 बजकर 36 मिनट पर होगा। इसलिए 19 सितंबर को प्रदोष व्रत मान्य होगा और इस तिथि पर शाम 06 बजकर 21 मिनट से लेकर 08 बजकर 43 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।
पितृ तर्पण मंत्र:
ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः।
पितृ शांति मंत्र:
ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
श्राद्ध मंत्र:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
पितृ दोष निवारण मंत्र
ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः।
गायत्री पितृ दोष निवारण मंत्र
ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।
महामृत्युंजय मंत्र:
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
शिव जी का मूल मंत्र:
ऊँ नम: शिवाय।।
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
ॐ नमः शिवाय।
नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।
Next Story