धर्म-अध्यात्म

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में जरूर लगाएं ये तीन पेड़-पौधे, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

Sarita
1 Sept 2025 7:24 AM IST
Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में जरूर लगाएं ये तीन पेड़-पौधे, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
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Pitru Paksha 2025: हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पितृ पक्ष प्रारंभ होते हैं। इनका समापन आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर होता है। इस बार 7 सितंबर 2025 को पितृ पक्ष की शुरुआत होगी, जो 21 सितंबर 2025 तक रहेगा। यह अवधि मुख्य रूप से पूर्वजों की आत्मशांति के लिए श्राद्ध कर्म के लिए जानी जाती है। मान्यता है कि यदि पितृ पक्ष में पिंडदान, तर्पण, पूजा-पाठ, धूप दान और दान-दक्षिणाएं जैसे पुण्य कार्य किए जाए, तो गृह कलह सहित पितृ दोष से राहत मिलती हैं। इसके अलावा अटके काम पूरे, घर की बरकत और सुख-समृद्धि जैसे शुभ परिणाम मिलते हैं। हालांकि श्राद्ध के समय कुछ खास पेड़-पौधों को जल देने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और वंशों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पितृ पक्ष में इन तीन पेड़-पौधों को लगाना बेहद शुभ होता है। इसके प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
बरगद :
पितृ पक्ष में बरगद के पेड़ की पूजा करना बेहद शुभ होता है। मान्यता है यह पेड़ दीर्घायु, अमरता और ब्रह्मा, विष्णु , शिव के त्रिमूर्ति का प्रतीक है। यदि विधि-विधान से इसका पूजन और परिक्रमा की जाए, तो जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। हालांकि, पितृ पक्ष में इसे लगाना भी शुभ होता है। यह घर से सभी तरह के दोष दूर करता है।
तुलसी:
तुलसी हिंदू धर्म के पवित्र पौधे में से एक है, जिसे हर तीज-त्योहार पर पूजा जाता है। इससे देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि पितृपक्ष में तुलसी का पौधा लगाने से सभी मनोकामनाएं पूरी और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती हैं।
पीपल :
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में इसकी पूजा करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती हैं। इसके अलावा आप पितृ पक्ष के दौरान पीपल के पेड़ को लगा भी सकते हैं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि भी बनी रहती हैं।
पितृपक्ष 2025 की प्रमुख तिथियां :
पितृपक्ष आरंभ:
भाद्रपद पूर्णिमा 7 सितंबर 2025, रात 1:41 बजे से शुरू होकर रात 11:38 बजे समाप्त होगी।
पूर्णिमा श्राद्ध-7 सितंबर 2025
प्रतिपदा श्राद्ध-8 सितंबर 2025
द्वितीया श्राद्ध- 9 सितंबर 2025
तृतीया श्राद्ध- 10 सितंबर 2025
चतुर्थी श्राद्ध-10 सितंबर 2025
पंचमी श्राद्ध और महाभरणी: 12 सितंबर 2025
षष्ठी श्राद्ध- 12 सितंबर 2025
सप्तमी श्राद्ध- 13 सितंबर 2025
अष्टमी श्राद्ध- 14 सितंबर 2025
नवमी श्राद्ध-15 सितंबर 2025
दशमी श्राद्ध- 16 सितंबर 2025
एकादशी श्राद्ध-17 सितंबर 2025
द्वादशी श्राद्ध-18 सितंबर 2025
त्रयोदशी और माघ श्राद्ध-19 सितंबर 2025
चतुर्दशी श्राद्ध-20 सितंबर 2025
सर्वपितृ अमावस्या (पितृ विसर्जन)-21 सितंबर 2025
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