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धर्म-अध्यात्म
Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में करें तुलसी से जुड़े ये दो खास उपाय, पितर होंगे प्रसन्न और घर में आएगी समृद्धि
Sarita
11 Sept 2025 10:25 AM IST

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Pitru Paksha 2025 : हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पितरों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद पाने का पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं। पितृ पक्ष में विशेष रूप से तुलसी से जुड़े उपाय बहुत फलदायी माने जाते हैं। तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है और भगवान विष्णु पितरों के परम आश्रय भी हैं। इसलिए तुलसी से किया गया तर्पण और पूजन पितरों को शीघ्र तृप्त करता है।
उपाय 1: तुलसी के समक्ष दीपक और अर्पण:
पितृ पक्ष के किसी भी दिन सुबह स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक जलाएँ। इसके बाद तुलसी का जल से अभिषेक करें और पत्ते अर्पित करें। अब तुलसी के पास खड़े होकर अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे आशीर्वाद लें। साथ ही, दूध या जल में तुलसी के पत्ते डालकर पितरों को अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय से पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
उपाय 2: गंगा की क्यारी में तुलसी को जल अर्पित करना:
पितृ पक्ष में तुलसी की क्यारी में तुलसी को जल अर्पित करना सबसे प्रभावी माना जाता है। इसके लिए सुबह स्नान करके तुलसी की क्यारी में खड़े हो जाएँ। अब तुलसी के पत्तों को गंगाजल में डालकर पितरों को जल अर्पित करें। पितरों का स्मरण करते हुए प्रार्थना करें कि वे परिवार पर कृपा करें। तुलसी और गंगाजल के इस मिश्रण से पितरों को जल अर्पित करने से पितरों की प्रत्यक्ष संतुष्टि होती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पितरों की संतुष्टि से मिलेगा आशीर्वाद:
शास्त्रों में कहा गया है कि पितृ पक्ष में तुलसी के पत्तों और गंगाजल से पितरों को जल अर्पित करने से पितरों की आत्मा तुरंत तृप्त होती है। पितरों के प्रसन्न होने पर वे अपने वंशजों को दीर्घायु, संतान सुख और धन-संपत्ति का आशीर्वाद देते हैं। इससे घर में शांति, सकारात्मकता और समृद्धि आती है।
यह उपाय हर घर में क्यों आवश्यक है?
तुलसी के इन उपायों को करने के लिए किसी बड़े अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है। यह बहुत ही सरल एवं फलदायी उपाय है, जिसे यदि श्रद्धा एवं विश्वास के साथ किया जाए तो पितृ दोष दूर होता है तथा पितर प्रसन्न होकर हर संकट से हमारी रक्षा करते हैं।
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