धर्म-अध्यात्म

Pitru Paksha 2025: 7 सितंबर से शुरू होंगे 15 दिवसीय पितृ पक्ष, जानें किस दिन कौन सा श्राद्ध करना चाहिए

Sarita
2 Sept 2025 8:04 AM IST
Pitru Paksha 2025: 7 सितंबर से शुरू होंगे 15 दिवसीय पितृ पक्ष, जानें किस दिन कौन सा श्राद्ध करना चाहिए
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Pitru Paksha 2025: हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है, जो आश्विन मास की अमावस्या तक चलता है। इन 15 दिनों में लोग अपने पूर्वजों और पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। मान्यता है कि इन दिनों में हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं। मान्यता है कि पितरों को प्रसन्न करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, शास्त्रों में भी वर्णित है कि पितरों का आशीर्वाद मिलने से वंश की उन्नति होती है और जीवन में आर्थिक स्थिरता आती है। इसलिए पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं पितृ पक्ष के 15 दिनों में किस दिन कौन सा श्राद्ध किया जाएगा।
पितृ पक्ष 2025 कब से कब तक है?
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में पितृ पक्ष 7 सितंबर (रविवार) से प्रारंभ होकर 21 सितंबर (रविवार) को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। इस दौरान 15 दिनों तक पितरों की तिथियों के अनुसार श्राद्ध कर्म किए जाएँगे।
पितृ पक्ष 2025 की महत्वपूर्ण तिथियाँ:
पूर्णिमा श्राद्ध रविवार, 7 सितम्बर 2025
प्रतिपदा श्राद्ध सोमवार, 8 सितम्बर 2025
द्वितीया श्राद्ध मंगलवार, 9 सितम्बर 2025
तृतीया एवं चतुर्थी श्राद्ध बुधवार, 10 सितम्बर 2025
भरणी एवं पंचमी श्राद्ध गुरूवार, 11 सितम्बर 2025
षष्ठी श्राद्ध शुक्रवार, 12 सितम्बर 2025
सप्तमी श्राद्ध शनिवार, 13 सितम्बर 2025
अष्टमी श्राद्ध रविवार, 14 सितम्बर 2025
नवमी श्राद्ध सोमवार, 15 सितम्बर 2025
दशमी श्राद्ध मंगलवार, 16 सितम्बर 2025
एकादशी श्राद्ध बुधवार, 17 सितम्बर 2025
द्वादशी श्राद्ध गुरूवार, 18 सितम्बर 2025
त्रयोदशी/माघ श्राद्ध शुक्रवार, 19 सितम्बर 2025
चतुर्दशी श्राद्ध शनिवार, 20 सितंबर 2025:
सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध रविवार, 21 सितंबर 2025
श्राद्ध क्या है?
श्राद्ध एक महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। इस दौरान लोग पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोजन जैसे कार्य करते हैं।
पितृ पक्ष में श्राद्ध करने का विशेष महत्व है। यह न केवल हमारे पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ आने का अवसर भी प्रदान करता है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग इस दौरान श्राद्ध नहीं करते हैं, उनके पूर्वज उनसे नाराज़ हो सकते हैं।
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