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Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर इन असरदार उपायों से अपने पूर्वजों को करें प्रसन्न

Sarita
5 Feb 2026 12:22 PM IST
Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर इन असरदार उपायों से अपने पूर्वजों को करें  प्रसन्न
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Phalguna Amavasya 2026: हिंदू धर्म में फाल्गुन मास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या पितरों की कृपा पाने के लिए खास होती है. मान्यतानुसार, अगर कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो पितरो की कृपा से घर-परिवार खुशहाल रहता है. इसके अलावा अगर कुंडली में किसी प्रकार का पितृ दोष है तो वह भी दूर हो जाता है. इसलिए इस दिन पितृ पूजन और उससे जुड़े विशेष उपाय किए जाते हैं. कहा जाता है अगर अमावस्या तिथि पर कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो न सिर्फ परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है, बल्कि 7 पीढ़ियों का उद्धार भी होता है. पंचांग के मुताबिक, इस साल फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 17 फरवरी को पड़ेगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल फाल्गुन पर किन उपायों को करने से पितृ देव की कृपा प्राप्त होगी|
कब है फाल्गुन अमावस्या 2026?
हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि 16 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 17 फरवरी 2026 को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर होगी. ऐसे में इस साल फाल्गुन अमावस्या के निमित्त व्रत, स्नान-दान और तर्पण 17 फरवरी को किया जाएगा. शुभ मुहूर्त की बात करें तो इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 35 मिनट से लेकर 6 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 37 मिनट से लेकर 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगा|
फाल्गुन अमावस्या के उपाय:
तर्पण और पिंडदान- अमावस्या के दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी के किनारे पूर्वजों के निमित्त तर्पण करना श्रेष्ठ माना गया है. ऐसे में इसके लिए जल में काले तिल, कुशा और जौ मिलाकर पितरों का आवाहन करें. कहते हैं कि पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है|
पीपल वृक्ष की विशेष पूजा- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के साथ-साथ पितरों का भी वास होता है. ऐसे में इस दिन पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और शाम में एक सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं. ऐसा करने से पितृ देव प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं|
गौ सेवा- सनातन परंपरा में पंचबलि कर्म का विशेष महत्व है. ऐसे में फाल्गुन अमावस्या के दिन भोजन ग्रहण करने से पहले गाय, कौए और चींटियों के लिए भोजन का एक अंश निकालना चाहिए. कहा जाता है कि अमावस्या के दिन गाय को हरा चारा खिलाने से घर में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है. इसके अलावा इस दिन जीव-जंतुओं को भोजन देने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं|
दान-पुण्य से दूर होगा पितृदोष- फाल्गुन अमावस्या के दिन जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को सामर्थ्य अनुसार दान जरूर करना चाहिए. परंपरानुसार, इस दिन कपड़े, अनाज, तिल, सोना या धन का दान पितृदोष की शांति के लिए रामबाण माना जाता है. ऐसे में अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए दान का संकल्प लें|
दीप दान- फाल्गुन अमावस्य के दिन शाम के समय घर की छत पर या मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके घी का एक दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से पितृ देव प्रसन्न होते हैं और 7 पीढ़ियों को सुख-समृद्धि और खुशहाली का वरदान देते हैं|
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