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Peepal Tree: जानें पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ की पूजा क्यों करनी चाहिए

Sarita
31 Aug 2025 11:13 AM IST
Peepal Tree: जानें  पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ की पूजा क्यों करनी चाहिए
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Peepal Tree: इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो 21 सितंबर को समाप्त होगा। 16 दिनों की यह अवधि पितरों को समर्पित होती है। साथ ही, इस दौरान पीपल के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं श्राद्ध पक्ष में पीपल की पूजा का महत्व।
आपने देखा होगा कि जब भी पितृ पक्ष शुरू होता है, पीपल के पेड़ की पूजा भी शुरू हो जाती है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि पितृ पक्ष में पीपल की पूजा क्यों की जाती है। आइए आपको इसका कारण बताते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान पीपल के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में पितरों का निवास होता है, इसलिए पितृ पक्ष के दौरान पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है।
ज्योतिष के अनुसार, पितृ पक्ष में पीपल की पूजा करने से पितृ दोष दूर होता है और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितृ पक्ष के दौरान पीपल पर जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि पीपल में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और शिव) का वास होता है। पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ की पूजा करना ही नहीं, बल्कि पितृ पक्ष में पीपल का पौधा लगाना भी शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे पितृ दोष दूर होता है।
पितृ पक्ष में पीपल की पूजा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसे पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करने और परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक उपाय माना जाता है।
पितृ पक्ष में पीपल की पूजा करने से जीवन में आ रही परेशानियाँ दूर होती हैं, पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, पितृ दोष दूर होता है, पितरों की कृपा बनी रहती है, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है। साथ ही, धन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं।
पीपल की पूजा का पहला नियम यह है कि सूर्योदय से पहले पीपल के पेड़ पर जल और पुष्प अर्पित करने चाहिए। शाम के समय यानी सूर्यास्त के बाद और रविवार के दिन पीपल की पूजा करने से बचना चाहिए।
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