धर्म-अध्यात्म

Peepal Tree: घर की दीवार पर पीपल के पेड़ का उगना देता है ये संकेत, जानें इसे हटाने के नियम

Sarita
28 Dec 2025 7:39 AM IST
Peepal Tree: घर की दीवार पर पीपल के पेड़ का उगना देता है ये संकेत, जानें इसे हटाने के नियम
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Peepal Tree: कई बार मकान की दीवारों की दरारों, छत के कोनों या सीलन वाली जगहों पर पीपल का एक छोटा सा पौधा अपने आप निकल आता है। अक्सर लोग इसे मामूली पौधा समझकर नजरअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ने लगता है, कई लोग बिना किसी सोच-विचार के किसी भी दिन इसे उखाड़कर हटा देते हैं। जबकि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार घर में पीपल का पौधा उगना एक साधारण घटना नहीं मानी जाती।
घर में या छत पर उगा पीपल क्यों माना जाता है अशुभ:
शास्त्रों में पीपल को अत्यंत पवित्र और पूजनीय वृक्ष का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसका सही स्थान होना बहुत जरूरी है। शास्त्रों के अनुसार पीपल का पेड़ मंदिर परिसर, नदी या तालाब के किनारे अथवा सार्वजनिक स्थानों पर शुभ फल देता है। वहीं अगर यह घर के भीतर, दीवारों या छत पर उग आए, तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता। ऐसी मान्यता है कि घर में पीपल का पौधा उगना पितृदोष का संकेत हो सकता है, जिसके कारण परिवार में मानसिक अशांति, धन संबंधी समस्याएं या स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
घर में अपने आप उगा पीपल का पौधा न तो शुभ माना जाता है और न ही इसे बिना विधि-विधान के हटाना चाहिए। यदि आपके घर में ऐसा पौधा उग आया है, तो सबसे पहले किसी योग्य ब्राह्मण से विधिवत पूजा करानी चाहिए। इस पूजा में पितरों की शांति और पितृदोष निवारण के लिए विशेष संकल्प कराया जाता है।
संकल्प के बाद ही करें पौधे को हटाने का कार्य:
संकल्प के समय यह भाव रखा जाता है कि पितृदोष की शांति और मुक्ति के उद्देश्य से ही पीपल के पौधे को हटाया जा रहा है। इसके बाद पौधे को पूरी श्रद्धा और सावधानी के साथ उखाड़ना चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि सोमवार और शनिवार को पीपल का पौधा नहीं हटाना चाहिए, क्योंकि ये दिन पीपल वृक्ष से विशेष रूप से जुड़े माने जाते हैं। पौधा हटाने के लिए रविवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है।
अगर आपके घर की दीवार या छत पर भी पीपल का पौधा उग आया है, तो नए साल से पहले इस धार्मिक प्रक्रिया को सही विधि से पूरा करना शुभ रहेगा। ऐसा करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।
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