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धर्म-अध्यात्म
Navratri 2025: क्या आपके पास हैं इन 9 रंगों के दुपट्टे? इनके बिना अधूरी है नवरात्रि पूजा
Sarita
7 Sept 2025 10:43 AM IST

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Navratri 2025: अगर आप नौ अलग-अलग रंगों के कपड़े तैयार नहीं कर सकतीं, तो नौ रंगों के दुपट्टे जरूर तैयार करवा लें. सिंपल आउटफिट के साथ भी ये आपके लुक को स्टाइलिश और एथनिक बना देंगे. दुपट्टों को मिक्स एंड मैच करके आप फ्यूजन आउटफिट तैयार कर सकती हैं. गरबा नाइट्स के लिए आप हल्के कढ़ाई वाले दुपट्टे, नेट और चमकदार दुपट्टे पहन सकती हैं. इस शारदीय नवरात्रि पर इन नौ शुभ रंगों के दुपट्टों को पूजा के लिए अलग से रखें. शारदीय नवरात्रि का पर्व 22 सितंबर 2025 से शुरू हो रहा है और 1 अक्टूबर 2025 को महानवमी तिथि पर समाप्त होगा. नवरात्रि केवल देवी पूजा और व्रत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आस्था और फैशन दोनों का संगम है. शारदीय नवरात्रि में हर दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. सभी देवियों के अपने पसंदीदा रंग होते हैं. हर दिन एक खास रंग का भी महत्व माना जाता है. कहा जाता है कि इन रंगों को पहनने से न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा मिलती है बल्कि जीवन में सौभाग्य भी बढ़ता है|
नवरात्रि 2025 के नौ दिन और नौ रंग:
पहला दिन मां शैलपुत्री का रंग :
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना होती है और इस दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा होती है। मां शैलपुत्री का पसंदीदा रंग सफेद है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन पर सफेद रंग का दुपट्टा अपने किसी भी डार्क रंग के परिधान के साथ पहनकर माता की पूजा और घटस्थापना करने पर मां की असीम कृपा प्राप्त होती है। इस दिन सफेद रंग की ओढ़नी पहनने से घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग:
नवरात्रि के दूसरे दिन बुद्धि और ज्ञान की देवी मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। मां ब्रह्मचारिणी का पसंदीदा रंग नारंगी माना गया है। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है। अगर आप इस दिन नारंगी रंग का दुपट्टा सिर पर ओढ़कर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करेंगी तो मां की कृपा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होगा।
तीसरा दिन चंद्रघंटा माता का रंग:
नवरात्रि के तृतीय दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा को वीरता की देवी माना गया है। मां चंद्रघंटा का पसंदीदा रंग लाल है जो रक्षा और शक्ति का प्रतीक है। इसलिए नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा के लिए लाल रंग का दुपट्टा जरूर तैयार करा लें। रेड दुपट्टा किसी भी साधारण ड्रेस को फेस्टिव बना देगा।
चौथा दिन मां कुष्मांडा का रंग:
नवरात्रि की चतुर्थी को मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा को नीला रंग बेहद प्रिय है। इसलिए इस दिन नीले रंग की चुनरी पहनकर पूजा करने से माता का पूर्ण आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पांचवा दिन मां स्कंदमाता का प्रिय रंग:
नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। स्कंदमाता को पीला रंग अत्यधिक प्रिय है। पीला रंग सुख, शांति और धन का प्रतीक माना गया है। इसलिए, नवरात्रि के पांचवे दिन पीला रंग अपनाएं, इससे आपके जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी और धन की भी कोई कमी नहीं होगी। ट्रेडिशनल सलवार-सूट पर पीला दुपट्टा लुक को फ्रेश कर देगा।
छठा दिन मां कात्यायनी का रंग:
नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कात्यायनी शांति की देवी हैं और उनका पसंदीदा रंग हरा है। मान्यता है कि इस दिन अगर हरे रंग को अपनाएं। ग्रीन दुपट्टा व्रत के दौरान फ्रेश और एथनिक टच देगा।
नवरात्रि की सप्तमी तिथि मां कालरात्रि को समर्पित है। मां का ये रूप प्रचंड और तेजमयी माना जाता है। उनका पसंदीदा रंग स्लेटी या कत्थई रंग पसंद है। इसलिए नवरात्रि की सप्तमी पर कत्थई या स्लेटी रंग के वस्त्र व दुपट्टा पहनकर माता की पूजा करनी चाहिए।
आठवां दिन महागौरी का प्रिय रंग:
दुर्गाअष्टमी पर माता के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां महागौरी की सवारी गाय है और उनका वर्ण श्वेत माना जाता है। इस दिन सफेद और बैंगनी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है। आप बैंगनी या सफेद दुपट्टा भी ओढ़ सकते हैं।
नवमी सिद्धिदात्री माता का रंग :
नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री धन और सफलता की देवी मानी जाती हैं और लाल और पीला रंग उनका पसंदीदा रंग माना गया है। इसलिए महानवमी पर लाल या पीले रंग का दुपट्टा पहनकर पूजा-अर्चना करना शुभ माना गया है।
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