धर्म-अध्यात्म

Navratri 2025 Clove Tips: नवरात्रि में करें लौंग के ये उपाय, मां दुर्गा दूर करेंगी आपके सारे कष्ट

Sarita
27 Sept 2025 11:23 AM IST
Navratri 2025 Clove Tips: नवरात्रि में करें लौंग के ये उपाय, मां दुर्गा दूर करेंगी आपके सारे कष्ट
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Navratri 2025 Clove Tips: नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें विशेष भोग अर्पित करते हैं। इस दौरान लौंग और पान के पत्ते का भोग मां को अति प्रिय माना गया है। लौंग का प्रयोग न केवल स्वास्थ्य और ताजगी के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पूजा-पाठ में भी विशेष महत्व रखता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवरात्रि के दिनों में लौंग से जुड़ी कुछ सरल और आसान उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है। ये उपाय न केवल मां दुर्गा को प्रसन्न करते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद का संचार भी करते हैं। ऐसे में लौंग के ये उपाय नवरात्रि में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं लौंग से जुड़े उपायों के बारे में।
लौंग से जुड़े सरल उपाय :
नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा की आरती के समय दिए की बाती में दो लौंग रख दें। इसके बाद बाती में घी डालकर आरती करें। लौंग से निकलने वाला धुआँ घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है।
अगर किसी को नौकरी या कारोबार में तरक्की नहीं मिल रही है, तो नवरात्रि में लौंग का जोड़ा लेकर सिर से पैर तक सात बार वारें। इसके बाद लौंगों को लाल कपड़े में बांधकर मां दुर्गा के सामने अर्पित कर दें। यह उपाय आर्थिक परेशानियों को दूर करने और उन्नति की राह खोलने में मदद करता है।
घर में कलह, झगड़ा या बार-बार आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो नवरात्रि के दौरान हर शाम घर के मुख्य द्वार पर लौंग के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय घर में सुख-शांति लाने और संकटों से राहत पाने में लाभकारी होता है।
नवरात्रि के दिनों में एक लाल कपड़े में लौंग का जोड़ा रखें और इसे मां दुर्गा को अर्पित करें। इसके बाद इस पोटली को अपने धन रखने के स्थान पर रखें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी में राहत मिलती है।
यदि किसी की कुंडली में राहु-केतु का अशुभ प्रभाव है, तो नवरात्रि में लौंग का दान मंदिर में जाकर करें। मंदिर में दो लौंग रखें और इसे अर्पित करें। इस उपाय को नवरात्रि से शुरू करते हुए हर शनिवार कम से कम 11 शनिवार तक करें। यह उपाय अशुभ प्रभाव कम करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है।
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