धर्म-अध्यात्म

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर सुबह नहीं बल्कि अभिजीत मुहूर्त में करें पितरों का तर्पण

Sarita
17 Jan 2026 12:12 PM IST
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर सुबह नहीं बल्कि अभिजीत मुहूर्त में करें पितरों का तर्पण
x
Mauni Amavasya 2026: सनातन धर्म में कुल 12 अमावस्या तिथियां हैं. हर एक का अपना महत्व है, लेकिन माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या अति विशेष और महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसे माघी या मौनी अमावस्या कहते हैं. इस पावन नदियों में स्नान-दान, पूजा-पाठ और मौन व्रत किया जाता है. मान्याता है कि इस दिन गंगा नदी का जल अमृत के समान हो जाता है. यही कारण है प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या सबसे बड़ा स्नान होता है.मौनी अमावस्या के दिन स्नान-दान और जप-तप से अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित होती है. माना जाता है कि इस दिन पितृ धरती पर आते हैं. यही कारण है कि इस पितरों का तर्पण और पिंडदान करने के लिए कहा जाता है. अगर आप भी मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने वाले हैं, तो इसका शुभ मुहूर्त और विधि अवश्य जान लें|
कब है मौनी अमावस्या Mauni Amavasya 2026 Kab Hai:
पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 03 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 19 जनवरी 2026 की रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगा. इस तरह से उदया तिथि के अनुसार, इस साल माघ या कहें कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को रहेगी. इस दिन इसका स्नान-दान किया जाएगा|
अभिजीत मुहूर्त में करें पितरों का तर्पण:
पितरों का तर्पण करने के लिए सबसे अच्छा समय अभिजीत मुहूर्त का माना जाता है. 18 जनवरी 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर शुरू हो रहा है. ये मुहूर्त 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इस वक्त आप गंगाजल या सामान्य जल से पितरों का तर्पण कर सकते हैं|
मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पावन नदी में स्नान करें. अगर ये संभव न हो तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर लें. स्नान करते समय अपना मुख दक्षिण दिशा में रखें. यह दिशा पितरों की मानी जाती है. इसके बाद पितरों का तर्पण करने के लिए तांबे के लोटे में जल लें. जल में कुश, काले तिल और अक्षत डालें. “ॐ पितृभ्यो नमः” या “ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः” मंत्र का जप करते हुए पितरों को जल अर्पित करें. यह काम आपको कम से कम 11 बार करें. संभव हो तो आपको मौनी अमावस्या के दिन पिंडदान भी करें|
Next Story