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धर्म-अध्यात्म
Masik Durga Ashtami Vrat Paran: इस विधि से करें मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का पारण, जानें शुभ मुहूर्त और सही नियम
Sarita
7 March 2025 9:57 AM IST

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Masik Durga Ashtami Vrat Paran:हिन्दू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी, हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. यह दिन देवी दुर्गा को समर्पित है और इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन व्रत और पूजा करने से मां दुर्गा अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. मासिक दुर्गाष्टमी शक्ति की देवी दुर्गा की पूजा का दिन है. इस दिन उनकी आराधना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और सुरक्षा मिलती है. माना जाता है कि मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं. इस दिन मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है|
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 6 मार्च गुरुवार को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो चुकी है. 7 मार्च दिन शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर खत्म होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस बार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत शुक्रवार को रखा गया और इसका का पारण 8 मार्च दिन शनिवार को सूर्योदय के बाद किया जाएगा|
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पारण विधि
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का पारण अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है.
व्रत पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
घर के मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
मां दुर्गा को फल, फूल, मिठाई और अपनी पसंदीदा मिठाई का भोग लगाएं.
मां दुर्गा की आरती करें और उनसे अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें.
इसके बाद, आप व्रत का पारण कर सकते हैं.
व्रत पारण में आप फल, दूध, दही, साबूदाना खिचड़ी या अपनी पसंद का कोई भी सात्विक भोजन कर सकते हैं.
व्रत पारण के बाद, गरीबों और जरूरतमंदों को दान अवश्य करें.
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पारण के लाभ
ऐसी मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का सही विधि से पारण करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसेक साथ ही व्रत पारण करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का पारण करते समय, मन को शांत रखें और मां दुर्गा का ध्यान करें. इसके साथ ही व्रत पारण के बाद, किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से बचें और मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की कथा सुनें|
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