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Margashirsha Masik Shivratri 2025: कब है मासिक शिवरात्रि? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Sarita
11 Nov 2025 9:04 AM IST
Margashirsha Masik Shivratri 2025: कब है मासिक शिवरात्रि? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
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Margashirsha Masik Shivratri 2025: हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है. ये दिन और व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित किया गया है. मासिक शिवरात्रि का दिन बहुत ही पवित्र होता है. इस दिन देवों के देव महादेव और मां पार्वती का भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ पूजन किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं.
साथ ही जीवन में खुशहाली बनी रहती है. मासिक शिवरात्रि के दिन पूजन और व्रत करने से महादेव के साथ-साथ माता पार्वती की भी कृपा प्राप्त होती है, जिससे सभी प्रकार के संकटों और दुखों से छुटकारा मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष मास की मासिक शिवरात्रि कब है? साथ ही जानते हैं शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व.
कब है मासिक शिवरात्रि?
वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 18 नवंबर को सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 19 नवंबर की सुबह 09 बजकर 43 मिनट पर हो जाएगा. मासिक शिवरात्रि पर भगवान की पूजा के लिए निशा काल सबसे उत्तम माना जाता है, इसलिए मासिक शिवरात्रि 18 नवंबर को मनाई जाएगी.
मासिक शिवरात्रि पूजा शुभ मुहूर्त :
मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगा. पूजा का ये शुभ मुहूर्त 12 बजकर 36 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि :
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठें.
फिर स्नान कर साफ कपड़े पहनें. इसके बाद घर के मंदिर की साफ-सफाई करें.
फिर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
इसके बाद शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें.
फिर भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, अक्षत, फूल और चंदन अर्पित करें.
इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
फिर भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें|
मासिक शिवरात्रि का महत्व:
मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव औऱ माता पार्वती का पूजन और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. इसके अलावा, इस व्रत को करने से व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है. इस दिन व्रत करने से विवाह में आ रहीं परेशानियां भी खत्म होती हैं और अच्छा जीवनसाथी मिलता है|
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