धर्म-अध्यात्म

Margashirsha Amavasya 2025 : मार्गशीर्ष अमावस्‍या आज, ये गलतियां कीं तो रूठ जाएंगे पितर, पितृ दोष नहीं छोड़ेगा पीछा

Sarita
20 Nov 2025 9:55 AM IST
Margashirsha Amavasya 2025 : मार्गशीर्ष अमावस्‍या आज, ये गलतियां कीं तो रूठ जाएंगे पितर, पितृ दोष नहीं छोड़ेगा पीछा
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Margashirsha Amavasya 2025 : सनातन धर्म में अमावस्या और पूर्णिमा की तारीखों का बहुत महत्व है। साल में 12 अमावस्या और 12 पूर्णिमा की तारीखें होती हैं। गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को अमावस्या है। अमावस्या पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। अमावस्या पर दान-पुण्य का बहुत महत्व है। अमावस्या पर कुछ नियमों का पालन करना भी बहुत ज़रूरी है। इस दिन गलती करना महंगा पड़ सकता है।
वैदिक कैलेंडर के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या 19 नवंबर को सुबह 9:43 बजे शुरू होगी और 20 नवंबर को दोपहर 12:16 बजे खत्म होगी। उदयातिथि के अनुसार, 20 नवंबर को अगहन अमावस्या मानी जाएगी। इस दिन स्नान और दान के लिए तीन शुभ मुहूर्त हैं।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:53 AM से 5:45 AM तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 1:55 PM से 2:39 PM तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 5:34 PM से 6:01 PM तक
मार्गशीर्ष अमावस्या के नियम
- अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। अगर यह मुमकिन न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- अमावस्या के दिन ज़रूरतमंदों को दान ज़रूर करें। अनाज, खाना, कपड़े, जूते वगैरह दान करें और गाय, कुत्ते और कौओं को खाना खिलाएं।
- अमावस्या के दिन दीपदान करना चाहिए। पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाएं।
- ध्यान रखें किसी से झगड़ा न करें और न ही गाली-गलौज करें। नेगेटिव सोच से बचें।
- अमावस्या के दिन तामसिक चीज़ें खाने से बचें। नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- अमावस्या की रात को सुनसान जगहों, कब्रिस्तान, श्मशान वगैरह में न जाएं। इस दिन नेगेटिव शक्तियां ज़्यादा एक्टिव होती हैं।
- अगर कोई ज़रूरतमंद व्यक्ति कुछ मांगे तो उसे खाली हाथ न भेजें।
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