धर्म-अध्यात्म

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर जरूर करें ये सरल उपाय, होगा धन और वैभव का आगमन

Sarita
15 Nov 2025 7:58 AM IST
Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर जरूर करें ये सरल उपाय, होगा धन और वैभव का आगमन
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Margashirsha Amavasya 2025: हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष मास को अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना भगवान श्रीकृष्ण को विशेष रूप से प्रिय है। वहीं अमावस्या तिथि को पितरों की तृप्ति और दान-पुण्य के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं।
मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी।
अमावस्या तिथि आरंभ: 19 नवंबर 2025, सुबह 9:43 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 20 नवंबर 2025, दोपहर 12:16 बजे
स्नान-दान का शुभ समय (सूर्योदय) 20 नवंबर 2025, सुबह 6:48 बजे
इस दिन किए जाने वाले प्रमुख उपाय:
स्नान और सूर्य अर्घ्य:
सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर नहाने के जल में गंगाजल मिलाएं। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें।
पितरों का तर्पण और पीपल पूजा:
पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध करें। शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर उसकी पांच या सात बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष समाप्त होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
भगवान विष्णु की आराधना;
इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है। उनकी प्रतिमा या तस्वीर को पंचामृत से स्नान कराएं और उन्हें तुलसी दल, पीले पुष्प, चंदन व मिठाई अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र या विष्णु जी के 108 नामों का जाप करें। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
यह तिथि पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आर्थिक प्रगति और सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है।
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