- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Mangala Gauri Vrat...
धर्म-अध्यात्म
Mangala Gauri Vrat 2025 : सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मंगला गौरी व्रत, जानें इसका ऐतिहासिक महत्व
Sarita
29 July 2025 8:53 AM IST

x
Mangala Gauri Vrat 2025 : हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व है और इसी माह में मंगला गौरी व्रत का आयोजन किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं। मंगला गौरी व्रत प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है और इसकी पूजा विशेष नियमों के साथ देवी गौरी (माँ पार्वती) को समर्पित होती है। इस व्रत का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है और इसे अत्यंत फलदायी माना जाता है।
माँ गौरी की कृपा से अखंड सौभाग्य:
मंगला गौरी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं इसलिए रखती हैं ताकि उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हो और उनके पति का जीवन दीर्घायु, सुखी और निरोगी रहे। माता गौरी को सौभाग्य की देवी कहा गया है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन में प्रेम, समर्पण और सुख-शांति बनी रहती है।
- ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व:
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने कई वर्षों तक मंगलवार का व्रत रखा, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने वर के रूप में स्वीकार किया। तभी से मंगला गौरी व्रत की परंपरा शुरू हुई, जिसे आज की महिलाएं श्रद्धापूर्वक मनाती हैं।
- श्रावण मास के मंगलवार का विशेष महत्व:
श्रावण मास भगवान शिव और माता पार्वती का प्रिय माह माना जाता है। इस माह के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से नवविवाहित महिलाओं के लिए अनिवार्य माना जाता है और इसे पहले पाँच वर्षों तक लगातार रखना सर्वोत्तम माना जाता है।
इस व्रत में महिलाएं सुबह स्नान करके शुद्धि के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। मिट्टी या पीतल से बनी गौरी की मूर्ति स्थापित करके पुष्प, अक्षत, रोली, सुपारी, पान, नारियल आदि से उनकी पूजा की जाती है। सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं और कथा सुनी जाती है। रात्रि में दीप जलाकर जागरण भी किया जाता है।
- पारिवारिक सुख, शांति और आर्थिक उन्नति:
मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत करने से न केवल वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है, बल्कि घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं। यह व्रत पति-पत्नी के बीच आपसी समझ, प्रेम और विश्वास को गहरा करता है। मंगला गौरी व्रत न केवल एक धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह विश्वास और समर्पण का प्रतीक है, जो एक स्त्री अपने वैवाहिक जीवन की रक्षा और समृद्धि के लिए करती है। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत फलदायी और लाभकारी माना जाता है।
TagsMangala Gauri Vratसुहागिनमहिलाओंमहत्वपूर्णमंगला गौरी व्रतmarriedwomenimportantimportance जनता से रिश्तान्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दीन्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJANTA SE RISHTANEWSJANTA SE RISHTATODAY'S LATEST NEWSHINDINEWSINDIA NEWSKHABRON KA SILSILATODAY'S BREAKINGNEWSTODAY'S BIG NEWSMID DAY NEWSPAPERजनताJANTASAMACHARNEWSSAMACHARहिंन्दी समाचार
Next Story





