धर्म-अध्यात्म

Mahalakshmi Vrat 2025: कब है महालक्ष्मी व्रत, जानें तिथियां, महत्व और पूजा विधि

Sarita
22 Aug 2025 7:33 AM IST
Mahalakshmi Vrat 2025: कब है महालक्ष्मी व्रत, जानें तिथियां, महत्व और पूजा विधि
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Mahalakshmi Vrat 2025: हिंदू धर्म में महालक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत देवी लक्ष्मी को समर्पित है और यदि इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाए तो घर में सुख, समृद्धि, धन और सौभाग्य की वृद्धि होती है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तक चलता है।
इस वर्ष महालक्ष्मी व्रत 2025 रविवार, 31 अगस्त से शुरू होकर रविवार, 14 सितंबर को समाप्त होगा। व्रत के दौरान विशेष पूजा विधि और नियमों का पालन करना आवश्यक है।
महालक्ष्मी व्रत 2025 की महत्वपूर्ण तिथियाँ:
व्रत प्रारंभ: 30 अगस्त रात्रि 10:46 बजे (शुक्ल पक्ष अष्टमी)
पहला दिन चंद्रोदय: 31 अगस्त दोपहर 1:11 बजे
व्रत समाप्ति: 14 सितंबर 2025 (कृष्ण पक्ष अष्टमी)
महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि और नियम:
घर और पूजा स्थल की पवित्रता: घर या मंदिर को साफ़ करके गंगाजल से शुद्ध करें।
माँ लक्ष्मी की स्थापना: माँ लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र को लाल या पीले कपड़े पर रखें।
स्नान और अर्पण: मूर्ति को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराएँ, फिर फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
कलश स्थापना: जल से भरे कलश में सुपारी, हल्दी, चावल और नारियल रखें। इसे कपड़े से ढककर सजाएँ।
मंत्र जाप: माँ लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें और उनकी भक्ति में मन लगाएँ।
महालक्ष्मी व्रत रखने का विकल्प:
यदि कोई भक्त पूरे 15 दिन व्रत नहीं रख सकता, तो वह केवल पहले तीन दिन या अंतिम तीन दिन ही यह व्रत रख सकता है। इस प्रकार, भक्त अपने व्यस्त जीवन में भी देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
महालक्ष्मी व्रत केवल पूजा-अर्चना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भक्ति और आस्था का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को रखने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं, जीवन में समृद्धि आती है और परिवार में सुख, शांति और धन-संपत्ति बनी रहती है।
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