धर्म-अध्यात्म

नए साल पर Mahaka मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, दर्शन नियम बदले

Harrison
3 Dec 2025 9:08 PM IST
नए साल पर Mahaka मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, दर्शन नियम बदले
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Bhopal/ Ujjain, भोपाल/उज्जैन: 3 दिसंबर 2025: महाकालेश्वर मंदिर, जो उज्जैन में स्थित है और पूरे देश में महाकाल के दर्शन के लिए प्रसिद्ध है, नए साल के अवसर पर श्रद्धालुओं से गुलज़ार रहा। मंदिर प्रशासन ने इस साल भीड़ प्रबंधन को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं ताकि लाखों भक्त सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।
मंदिर के मुख्य पुजारी और प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि 31 दिसंबर की रात से ही भक्तों की आमद शुरू हो गई थी और नए साल की सुबह तक मंदिर परिसर में लगातार भारी भीड़ देखी गई। उन्होंने कहा, “नए साल पर भक्तों की संख्या आम दिनों की तुलना में दोगुनी या तीन गुनी हो जाती है। इसलिए हमने दर्शन के लिए समय और मार्ग में बदलाव किए हैं ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और श्रद्धालुओं को लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े।”
इस बार मंदिर प्रशासन ने डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को पूरी तरह लागू किया है। भक्तों को ऑनलाइन स्लॉट बुक करने का विकल्प दिया गया था। इस प्रणाली के तहत भक्तों को एक निश्चित समय पर मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। इससे लोगों को घंटों लाइन में खड़ा होने से राहत मिली और भीड़ में व्यवधान कम हुआ।
इसके अलावा, मंदिर प्रशासन ने कुछ प्रमुख बदलाव भी किए। मंदिर के मुख्य प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं। विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस और सुरक्षा गार्ड पूरे परिसर में तैनात रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा कैमरों की संख्या भी बढ़ा दी गई थी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
भक्तों के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए थे। वृद्ध और विकलांग भक्तों के लिए विशेष पथ और व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके अलावा, फर्स्ट-एड और मेडिकल सुविधाएं भी मंदिर परिसर में बढ़ाई गई थीं।
शास्त्रीय अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर में नए साल के मौके पर दर्शन करना विशेष फलदायक माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस अवसर पर भगवान महाकाल की पूजा और आशीर्वाद विशेष रूप से मिलता है। मंदिर में पहुंचे कई भक्तों ने बताया कि उन्होंने नए साल की पहली प्रार्थना महाकाल के दरबार में अर्पित की।
भक्तों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने इस साल नए साल के मौके पर विशेष मार्गदर्शन टीम भी नियुक्त की थी। टीम ने भक्तों को सही समय पर और सुरक्षित मार्ग से दर्शन तक पहुँचाया। मंदिर परिसर के बाहर भीड़ प्रबंधन के लिए बफर जोन बनाए गए थे, जिससे बाहर खड़े लोगों की सुविधा बनी रही।
मंदिर प्रशासन ने मीडिया को बताया कि डिजिटल टिकटिंग, समय-स्लॉट प्रणाली और अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था के कारण दर्शन के अनुभव में काफी सुधार हुआ है। भक्तों ने भी इस नई व्यवस्था की सराहना की और इसे बेहद व्यवस्थित और सुविधाजनक बताया।
मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले सालों में भी डिजिटल टिकटिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए ऐसे ही कदम जारी रहेंगे। उनका उद्देश्य है कि भगवान महाकाल के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षा, सुविधा और श्रद्धा के साथ पूजा करने का अनुभव मिले।
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