धर्म-अध्यात्म

Maha Shivratri Special: अगर विवाह होने में आ रही हैं बाधाएं तो कुंवारी कन्याएं इस विधि से करें महाशिवरात्रि की पूजा

Sarita
12 Feb 2026 10:09 AM IST
Maha Shivratri Special: अगर विवाह होने में आ रही हैं बाधाएं तो कुंवारी कन्याएं इस विधि से करें महाशिवरात्रि की पूजा
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Maha Shivratri Special: अगर आपकी शादी होने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं तो महाशिवरात्रि का दिन आपके लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है। इस दिन आप विधिपूर्वक महादेव की पूजा-अर्चना कर के उनसे शीघ्र विवाह का आशीर्वाद ले सकते हैं। भगवान शिव अत्यंत ही भोले और दयालु माने जाते हैं वो अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को जल्द पूर्ण कर देते हैं। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन अगर कुंवारी कन्याएं इस विधि के साथ भोलेनाथ की उपासना करती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही सुखी और खुशहाल दांपत्य जीवन का भी आशीर्वाद मिलता है। तो आइए जानते हैं कि कुंवारी कन्याओं के किस विधि के साथ महाशिवरात्रि की पूजा करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याएं इस विधि से करें भगवान शिव की पूजा:
महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर लें। व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शुभ रंग वाले वस्त्र पहनें। इस दिन काला और ग्रे रंग के कपड़े बिल्कुल भी न पहनें। इसके बाद मंदिर और पूजा घर को साफ कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें। अब एक शुद्ध बर्तन में शिवलिंग रखें और फिर गंगाजल, दूध, दही और शहद से जलाभिषेक करें। जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर चंदन का तिलक या लेप लगाएं। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धतूरा आदि चीजें चढ़ाएं। शिवलिंग के पास धूप-दीप जलाएं। माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित करें। भगवान शिव और माता पार्वती को खीर, मिश्री, मिठाई, बेर का भोग लगाएं। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें और शिव मंत्रों का भी जाप करें। भगवान शिव की आरती करें और फिर हाथ जोड़कर महादेव से प्रार्थना करें। महाशिवरात्रि का पारण दूसरे दिन ही करें।
महाशिवरात्रि व्रत 2026 डेट :
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि का समापन 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 24 मिनट पर होगा। महाशिवरात्रि का त्यौहार 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।
महाशिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त:
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 06:39 पी एम से 09:45 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:45 पी एम से 12:52 ए एम, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:52 ए एम से 03:59 ए एम, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:59 ए एम से 07:06 ए एम, फरवरी 16
निशिता काल पूजा समय - 12:28 ए एम से 01:17 ए एम, फरवरी 16
महाशिवरात्रि 2026 व्रत का पारण:
महाशिवरात्रि व्रत का पारण दूसरे दिन यानी 16 फरवरी 2026 को किया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन पारण का शुभ समय सुबह 7 बजकर 6 मिनट से दोपहर 3 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। पारण का अर्थ होता है व्रत खोलना। तो अगर आप भी महाशिवरात्रि का व्रत करने वाले हैं तो इसका पारण 16 फरवरी को ही करें। सात्विक आहार ग्रहण कर के ही व्रत का पारण करें।
ॐ नमः शिवाय॥
ॐ नमो नीलकण्ठाय।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि, तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥
माता पार्वती के मंत्र:
ॐ नमः पार्वती पतये नमः
ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्॥
ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः॥
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