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धर्म-अध्यात्म
Maha Navami 2025: मां सिद्धिदात्री पूजा विधि, मंत्र और भोग, जानें नवमी पर कैसे करें आराधना
Sarita
1 Oct 2025 7:22 AM IST

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Maha Navami 2025: मां सिद्धिदात्री नवदुर्गा का नौवां स्वरूप हैं. इनकी उपासना नवमी तिथि को की जाती है. मां सिद्धिदात्री भक्तों को अष्ट सिद्धियां और नौ निधियां प्रदान करती हैं. इनकी कृपा से साधक को ज्ञान, भक्ति, वैभव और मोक्ष की प्राप्ति होती है. साल 2025 में शारदीय नवरात्रि में महानवमी का पर्व 1 अक्टूबर, बुधवार को पड़ रहा है. आइए जानते हैं मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, मंत्र और भोग|
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि:
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
पूजा स्थान पर मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
कलश स्थापना कर, दीपक जलाएं.
सबसे पहले गणेश, फिर नवग्रह, फिर कुलदेवी/देवता का पूजन करें.
मां को लाल या गुलाबी फूल अर्पित करें.
अक्षत, रोली, सिंदूर, धूप, दीप और गंध से पूजन करें.
धूप-दीप प्रज्वलित कर आरती करें.
भक्त जय मां सिद्धिदात्री का जाप करें और ध्यान करें.
मां सिद्धिदात्री के मंत्र:
बीज मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नमः॥
ध्यान मंत्र सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैः असुरैरमरैरपि. सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
पूजन मंत्र ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
मां सिद्धिदात्री के प्रिय भोग:
मां को तिल से बने लड्डू, सफेद मिठाइयाँ (खीर, मालपुआ, पेड़ा) अर्पित करना शुभ माना जाता है.
नारियल और सुपारी का भोग विशेष फलदायी होता है.
साधक चाहें तो फलाहार (सेब, अनार, केला) भी अर्पित कर सकते हैं.
मां सिद्धिदात्री आरती :
जय सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता। तु भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि। तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम। जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम॥
तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है। तू जगदम्बें दाती तू सर्व सिद्धि है॥
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो। तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो॥
तू सब काज उसके करती है पूरे। कभी काम उसके रहे ना अधूरे॥
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया। रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया॥
सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली। जो है तेरे दर का ही अम्बें सवाली॥
हिमाचल है पर्वत जहाँ वास तेरा। महा नन्दा मन्दिर में है वास तेरा॥
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता। भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता॥
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