धर्म-अध्यात्म

Magh Purnima 2026: माघी पूर्णिमा आज, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Sarita
1 Feb 2026 6:46 AM IST
Magh Purnima 2026:  माघी पूर्णिमा आज, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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Magh Purnima 2026: आज माघ मास की पूर्णिमा तिथि है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है. आज के दिन श्रद्धालु माघ पूर्णिमा का व्रत रखते हैं और पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान श्रीहरि विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना और सरस्वती जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसी दिन माघ मास में किए जाने वाले कल्पवास का भी विधिवत समापन होता है|
माघ पूर्णिमा तिथि और व्रत पारण का समय:
माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 1 फरवरी सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर
माघ पूर्णिमा तिथि समापन- 2 फरवरी को सुबह 3 बजकर 46 मिनट पर
व्रत पारण का शुभ समय- 2 फरवरी की सुबह 6 बजकर 33 मिनट से सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक|
माघ पूर्णिमा 2026 स्नान-दान का शुभ मुहूर्त:
माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व ब्रह्म मुहूर्त में माना गया है. आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 59 मिनट से लेकर 05 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, इस शुभ समय में स्नान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं|
आज का शुभ समय:
ब्रह्म मुहूर्त: आज सुबह 04 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर 46 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक
अमृत मुहूर्त: सुबह 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 03 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 02 बजकर 41 मिनट तक
प्रदोष काल: शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक|
Magh Purnima 2026 Ashubh Samay: आज का अशुभ समय
राहुकाल: शाम 04 बजकर 11 मिनट से 05 बजकर 34 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से 01 बजकर 26 मिनट तक
गुलिक काल: दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से 04 बजकर 11 मिनट तक|
पुष्य नक्षत्र में माघी पूर्णिमा आज:
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र रात 12 बजकर 10 मिनट तक, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ
शुभ योग: प्रीति योग सुबह 10 बजकर 28 मिनट तक, उसके बाद आयुष्मान योग|
माघ पूर्णिमा के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. यदि यह संभव न हो, तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें, इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें. पूजा में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, पीले पुष्प, तुलसी दल और दीपक अर्पित करें. अंत में आरती कर भगवान से जाने-अनजाने हुए दोषों के लिए क्षमा प्रार्थना करें|
माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व:
धार्मिक मान्यता है कि आज माघ पूर्णिमा पर देवता पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, इसी कारण संगम तट और अन्य तीर्थ स्थलों पर इस दिन विशेष स्नान का आयोजन किया जाता है. माघ मास में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं का व्रत भी इसी दिन पूर्ण होता है. शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया स्नान और दान सौ गुना फल देने वाला होता है|
नवग्रहों को शांत करने के लिए अलग-अलग दान:
क्रमांक ग्रह दोष से राहत पाने के लिए दान ग्रह दोष से संबंधित समस्याएं दान की जाने वाली वस्तुएं
01 सूर्य मजबूत करने के लिए दान मान-सम्मान में कमी, पिता से अनबन गुड़ और गेहूं का दान करें
02 चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दान मानसिक तनाव, अनिद्रा जल, मिश्री या दूध का दान शुभ करें
03 मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव से राहत पाने के लिए दान रक्त विकार, कानूनी विवाद मसूर की दाल का दान करें
04 बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए दान त्वचा रोग, बुद्धि की कमजोरी हरी सब्जियां और आंवले का दान करें.
05 बृहस्पति ग्रह के दोष से राहत पाने के लिए दान मोटापा, लिवर, पाचन दोष केला, मक्का और चने की दाल का दान करें.
06 शुक्र ग्रह के दोष से राहत पाने के लिए दान मधुमेह, आंखों के रोग घी, मक्खन और सफेद तिल का दान करें.
07 शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए दान लंबी बीमारी, नर्वस सिस्टम काले तिल और सरसों के तेल का दान करें
08 राहु और केतु के दोष से मुक्ति पाने के लिए दान रहस्यमयी रोग, अचानक बाधाएं सात प्रकार के अनाज, काला कंबल तथा जूते-चप्पल का दान करें
माघ पूर्णिमा पर ग्रहों से संबंधित ये वस्तुएं दान करना चाहिए|
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