धर्म-अध्यात्म

Magh Gupt Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि में बन रहा है संयोग, जानें इस साल क्या है खास

Sarita
11 Jan 2026 12:42 PM IST
Magh Gupt Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि में बन रहा है संयोग, जानें इस साल क्या है खास
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Magh Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। पूरे वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि और दो प्रकट नवरात्रि होती हैं। देवी भागवत महापुराण में इन चारों नवरात्रियों में मां दुर्गा की उपासना का उल्लेख मिलता है। वर्ष में आने वाली चार नवरात्रि आमतौर पर इन महीनों में ही पड़ती है।
माघ गुप्त नवरात्रि (जनवरी)
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (जुलाई)
चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल)
शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्तूबर)
नवरात्रि 2026 की तिथियां :
इस वर्ष नवरात्रि की तिथियों में खास संयोग देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल माघ और चैत्र नवरात्रि करीब 10–11 दिन पहले शुरू हो रही हैं। आइए जानते हैं कि इस साल चारों नवरात्रि की तिथियां क्या रहने वाली है।
माघ गुप्त नवरात्रि- 19 जनवरी 2026 से
चैत्र नवरात्रि- 19 मार्च 2026 से
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि- 15 जुलाई 2026 से
शारदीय नवरात्रि- 11 अक्तूबर 2026
2026 में तिथियों में बदलाव का कारण:
हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में दो ज्येष्ठ माह पड़ रहे हैं, जिसे अधिक मास (मलमास) कहा जाता है। यही कारण है कि इस साल व्रत-त्योहारों और नवरात्रि की तिथियों में बदलाव हो रहा है। धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास वाले वर्ष में दान, जप, तप और देवी साधना का विशेष फल मिलता है।
अधिक मास :
ज्येष्ठ अधिक मास: 17 मई से 15 जून 2026 तक
हिंदू नववर्ष 2026 और अधिक मास :
विक्रम संवत 2083, 19 मार्च 2026 से प्रारंभ होगा।
इसी दिन गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी।
हिंदू नववर्ष 2026 13 महीनों का संवत्सर होगा।
ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा।
माघ और चैत्र नवरात्रि का विशेष संयोग:
वर्ष 2026 में एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। माघ गुप्त नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि, दोनों की शुरुआत 19 तारीख से हो रही है।
माघ गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना और गुप्त उपासना से जुड़ी होती है।
चैत्र नवरात्रि नवसंवत्सर, शक्ति आराधना और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।
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