धर्म-अध्यात्म

Magh Gupt Navratri 2026: जानें कब शुरू होगी माघ गुप्त नवरात्रि, डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sarita
17 Jan 2026 12:51 PM IST
Magh Gupt Navratri 2026: जानें   कब शुरू होगी माघ गुप्त नवरात्रि, डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
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Magh Gupt Navratri 2026: सनातन धर्म में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ते हैं, जिनको देशभर में बड़ी आस्था के साथ मनाया जाता है. ऐसा ही एर पावन पर्व है नवरात्रि. ये माता दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है. इस पर्व में नौ दिन माता दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. साल भर में एक दो नहीं, बल्कि चार बार नवरात्रि पड़ती है. जिसमें चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो बार गुप्त नवरात्रि भी होती है|
गुप्त नवरात्रि की बात की बात की जाए तो हिंदी पंचांग के अनुसार, पहली बार ये आषाढ़ और दूसरी बार माघ माह में मनाई जाती है. गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अलावा दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है. माघ गुप्त नवरात्रि हर साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल ये कब मनाई जाने वाली है? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि|
माघ गुप्त नवरात्रि कब है:
साल 2026 में माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सोमवार 19 जनवरी को को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 19 जनवरी को देर रात 02 बजकर 14 मिनट पर हो जाएगा. सनातन धर्म में उदया तिथि मानी जाती है. अतः इस साल 19 जनवरी से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस दिन घटस्थापना और पूजा की जाएगी|
गुप्त नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त:
वैदिक गणना अनुसार, 19 जनवरी को घटस्थापना का शुभ समय प्रातः काल (सुबह) 07 बजकर 14 मिनट से शुरु होगा. ये सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा. ये दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. ऐसे में साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर घटस्थापना यानी कलश स्थापना कर गुप्त नवरात्रि की शुरुआत कर सकते हैं|
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि:
गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक और अघोरी मां दुर्गा की आधी रात में पूजा करते हैं.
इस दौरान सबसे पहले मां दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित की जाती है.
फिर उनको लाल रंग का सिंदूर चढ़ाया जाता है. सुनहरे गोटे वाली चुनरी चढ़ाई जाती है.
इसके बाद मां के चरणों में पूजा सामग्री अर्पित की जाती है.
मां दुर्गा को लाल पुष्प चढ़ाया जाता है.
सरसों के तेल से दीपक जलाया जाता है.
‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जाप किया जाता है|
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