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Magh Gupt Navratri 2026: 19 या 20 जनवरी, कब है माघ गुप्त नवरात्रि, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sarita
2 Jan 2026 12:24 PM IST
Magh Gupt Navratri 2026: 19 या 20 जनवरी, कब है माघ गुप्त नवरात्रि, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
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Magh Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. अधिकांश लोग साल में केवल दो नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) के बारे में जानते हैं, लेकिन तंत्र साधना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल 2026 की पहली गुप्त नवरात्रि माघ मास में पड़ने वाली है. आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि|
कब से शुरू है माघ गुप्त नवरात्रि 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ होता है.
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 19 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 01:21 बजे.
प्रतिपदा तिथि का समापन: 20 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 02:14 बजे.
उदयातिथि के अनुसार: माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 19 जनवरी 2026 को होगा.
घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त:
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है. इस साल कलश स्थापना के लिए दो शुभ समय मिल रहे हैं.
प्रात:काल मुहूर्त: सुबह 07:13 से सुबह 10:49 तक (अवधि: 3 घंटे 36 मिनट).
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 से दोपहर 12:58 तक|
यदि आप सुबह के मुहूर्त में स्थापना नहीं कर पाते हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापित करना बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा|
10 महाविद्याओं की होती है साधना:
गुप्त नवरात्रि में सामान्य नवरात्रि की तरह मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ-साथ विशेष रूप से 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. इनके नाम हैं|
मां काली
मां तारा
मां त्रिपुर सुंदरी
मां भुवनेश्वरी
मां छिन्नमस्ता
मां त्रिपुर भैरवी
मां धूमावती
मां बगलामुखी
मां मातंगी
मां कमला
पूजा विधि: कैसे करें मां को प्रसन्न?
गुप्त नवरात्रि की पूजा को ‘गुप्त’ रखा जाता है, यानी इसके बारे में किसी को बताया नहीं जाता है. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित करें और अखंड ज्योति प्रज्वलित करें|
मां दुर्गा को लाल चुनरी, श्रृंगार सामग्री और फूल अर्पित करें. ॐ दुं दुर्गाय नमः या निर्वाण मंत्र का जाप करें. इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है. इन 9 दिनों में सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें|
गुप्त नवरात्रि का महत्व:
शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और कठिन साधनाओं के लिए जानी जाती है. माना जाता है कि जो भक्त गुप्त रूप से मां की सेवा करते हैं, उनकी बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं. यह नवरात्रि आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम मानी गई है|
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