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धर्म-अध्यात्म
Maa Annapurna: दिसंबर में अन्नपूर्णा जयंती, जानें पूजा की सही तारीख और शुभ मुहूर्त
Sarita
1 Dec 2025 9:42 AM IST

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Maa Annapurna: हिंदू धर्म में अगहन यानी मार्गशीर्ष माह बड़ा महत्व रखता है। इस महीने कई पर्व-त्योहार मनाए जाते है। इन्हीं में से एक अन्नपूर्णा जयंती। यह जयंती अन्न व समृद्धि की देवी माँ अन्नपूर्णा देवी को समर्पित है। मां अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है।
हिन्दू मान्यता के अनुसार, वह साक्षात देवी पार्वती का ही एक स्वरूप हैं, जिन्होंने पृथ्वी पर अन्न के संकट को दूर करने के लिए यह अवतार लिया था। अन्नपूर्णा जयंती हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह जयंती 4 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी।
हिन्दू मान्यता के अनुसार, अन्नपूर्णा देवी को अन्न, समृद्धि, पोषण और जीवन-निर्वाह की देवी कहा गया है। मान्यता है कि माता की कृपा बनी रहे तो घर-परिवार में कभी अन्न का अभाव नहीं होता। आइए पंचांग के अनुसार, जानते हैं कि यह जयंती कब मनाई जाएगी।
कब है अन्नपूर्णा जयंती:
आपको बता दें, वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन 5 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 43 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए अन्नपूर्णा जयंती दिन गुरुवार, 4 दिसंबर को मनाई जाएगी।
कैसे करें अन्नपूर्णा जयंती पूजा विधि:
जयंती के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
पूरे रसोईघर को अच्छी तरह साफ करें।
गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।
रसोई में या पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा स्थापित करें।
इस दिन चूल्हे, सिलबट्टे और घर में रखे अन्न की विधिवत पूजा करें।
उन्हें हल्दी, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
इस दिन अन्न का अपमान गलती से भी न करें। साथ ही, गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न दान
जरूर करें। यह सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना जाता है।
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जानिए सनातन धर्म में अन्नपूर्णा जयंती की महिमा:
सनातन धर्म में अन्नपूर्णा जयंती का बहुत महत्व है, क्योंकि यह भोजन और समृद्धि की देवी माँ अन्नपूर्णा के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं रहती है। यह त्योहार हमें अन्न का सम्मान करना और अन्न का अपव्यय न करने का संदेश देता है।
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