धर्म-अध्यात्म

Lakshmi Ji: लक्ष्मी जी को प्रिय हैं ये चीजें, घर में रखने से आती है सुख-समृद्धि

Sarita
16 May 2025 7:56 AM IST
Lakshmi Ji: लक्ष्मी जी को प्रिय हैं ये चीजें, घर में रखने से आती है सुख-समृद्धि
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Lakshmi Ji: सनातन परंपरा में मां लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि कुछ विशेष वस्तुएं श्रद्धापूर्वक घर में रखी जाएं और नियमित रूप से पूजन किया जाए तो न केवल मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, बल्कि घर में धन, सुख और शांति का स्थायी वास होता है।
श्रीयंत्र:
श्रीयंत्र को देवी लक्ष्मी का प्रत्यक्ष यंत्र स्वरूप माना गया है। इसे घर के पूजास्थल में उत्तर-पूर्व दिशा में लाल वस्त्र पर स्थापित करना चाहिए। प्रतिदिन इसका पूजन करने, दीपक और पुष्प अर्पित करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
कमल गट्टे की माला:
कमल मां लक्ष्मी का प्रिय पुष्प है और कमल गट्टे की माला से मंत्र जप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसे पूजा स्थान में रखने या तिजोरी में रखने से धन की वृद्धि होती है और सौभाग्य बना रहता है।
सफेद कौड़ी:
धार्मिक मान्यता के अनुसार सफेद कौड़ी समुद्र मंथन से प्राप्त वस्तुओं में से एक है और यह लक्ष्मी जी का प्रतीक मानी जाती है। इसे लाल कपड़े में बांधकर पूजा घर या धन स्थान पर रखने से धनागमन के मार्ग खुलते हैं और दरिद्रता दूर होती है।
स्फटिक का कछुआ:
कछुआ दीर्घायु, स्थायित्व और समृद्धि का प्रतीक है। विशेष रूप से स्फटिक का कछुआ वास्तु दोष निवारण और आर्थिक समृद्धि के लिए शुभ माना गया है। इसे जल भरे कांच के पात्र में उत्तर दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बांसुरी:
बांसुरी प्रेम, सौंदर्य और शांति का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक दृष्टि से यह श्रीकृष्ण से जुड़ी होने के कारण शुभ फलदायिनी है और लक्ष्मी जी को भी प्रिय है। जोड़ी में बांसुरी को रखने से घर में सुख-शांति और लक्ष्मी का वास बना रहता है।
शास्त्रों के अनुसार मां लक्ष्मी को भगवान शंकर अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए घर में पारद शिवलिंग स्थापित करना अत्यंत शुभफलदायी माना गया है। इसे पूजाघर में उत्तर-पूर्व दिशा में रखें और नियमित रूप से जल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करें। इससे घर में सुख-शांति और आर्थिक उन्नति बनी रहती है।
शंख:
शंख का महत्व धर्म और वास्तु दोनों में अत्यंत उच्च स्थान रखता है। मां लक्ष्मी स्वयं समुद्र से प्रकट हुई हैं और शंख भी समुद्र मंथन से प्राप्त हुआ था, इसलिए यह लक्ष्मी जी को अत्यंत प्रिय है। पूजा के समय शंख में जल भरकर छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में पवित्रता व शुभ ऊर्जा का संचार होता है। दाईं ओर घूमने वाला शंख विशेष रूप से लक्ष्मी साधना के लिए शुभ माना गया है।
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