धर्म-अध्यात्म

Kumbh Sankranti 2026: जानें कब है फरवरी में कुंभ संक्रांति, तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Sarita
3 Feb 2026 12:45 PM IST
Kumbh Sankranti 2026: जानें  कब है फरवरी में कुंभ संक्रांति,  तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
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Kumbh Sankranti 2026: हिंदू धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व होता है. जब सूर्य देव एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहा जाता है. फरवरी के महीने में सूर्य देव मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे कुंभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है. इस बार कुंभ संक्रांति की तारीख को लेकर अगर आपके मन में भी उलझन है, तो उसे यहां दूर करें|
कुंभ संक्रांति 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त:
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कुंभ संक्रांति 13 फरवरी को मनाई जाएगी. इसी दिन सूर्य देव का गोचर कुंभ राशि में होगा. साल 2026 में शुक्रवार 13 फरवरी को मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में जाएंगे. सूर्य का यह गोचर सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर होगा. शास्त्रों में संक्रांति के पुण्य काल के दौरान किया गया दान और स्नान अक्षय फलदायी माना जाता है|
कुंभ संक्रांति की पूजा विधि:
सुबह जल्दी उठकर पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें. तांबे के लोटे में जल लें, उसमें लाल फूल, कुमकुम और थोड़े अक्षत (चावल) डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. अर्घ्य देते समय सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करें. पूजा के बाद जितना आप दे सकें उतना ही अनाज, गर्म कपड़े या तिल का दान करने का संकल्प लें. इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शत्रुओं पर विजय और आरोग्य प्रदान करने वाला माना जाता है|
हिंदू धर्म में कुंभ संक्रांति को बेहद पावन माना गया है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है. कई स्थानों पर कुंभ संक्रांति के अवसर पर स्नान पर्व, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. विशेष रूप से गंगा, यमुना, गोदावरी और नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में स्नान का महत्व बताया गया है|
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