धर्म-अध्यात्म

Kamika Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा कई यज्ञों का फल

Sarita
21 July 2025 7:39 AM IST
Kamika Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा कई यज्ञों का फल
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Kamika Ekadashi Vrat Katha: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत किया जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाभारत काल में भगवान कृष्ण ने स्वयं युधिष्ठिर को कामिका एकादशी व्रत की महिमा का वर्णन किया था. यह एकादशी तब पड़ती है, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है|
धार्मिक मान्यता है कि कामिका एकादशी व्रत के पुण्य प्रताप से शुभ फल मिलते हैं| साथ ही, अपार सुख-समृद्धि के साथ मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. आज यानी 21 जुलाई को कामिका एकादशी व्रत किया जा रहा है. इस दिन कामिका एकादशी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. ऐसे में पढ़ते हैं कामिका एकादशी व्रत कथा|
कामिका एकादशी व्रत की कथा क्या है?
पौराणिककथा के अनुसार, एक गांव में एक वीर क्षत्रिय रहता था. एक दिन उसकी किसी कारणवश ब्राह्मण से हाथापाई हो गई, जिसमें ब्राह्मण की मृत्य हो गई. उस क्षत्रिय ने अपने हाथों मारे गये ब्राह्मण की क्रिया करनी चाही, लेकिन ब्राह्मणों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया. ब्राह्मणों ने कहा कि तुम पर ब्रह्म-हत्या का दोष है. ऐसे में पहले तुम प्रायश्चित कर इस पाप से मुक्त हो जाओ, तब ही हम तुम्हारे घर भोजन करेंगे|
यह सुनकर क्षत्रिय ने ब्राह्मणों से पूछा कि इस पाप से मुक्त होने के लिए मुझे क्या करना चाहिए. तब ब्राह्मणों ने बताया कि श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु के निमित्त व्रत और पूजन कर ब्राह्मणों को भोजन कराओ. इससे तुम्हें भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलेगा, जिससे इस पाप से मुक्ति मिल जाएगी. फिर उस क्षत्रिय ने पंडितों के बताये हुए तरीके से व्रत किया और उसी रात भगवान विष्णु ने क्षत्रिय को दर्शन देकर कहा कि तुम्हें ब्रह्म-हत्या के पाप से मुक्ति मिल गई है|
ऐसे में कामिका एकादशी व्रत के करने से ब्रह्म-हत्या आदि सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और इहलोक में सुख भोगकर प्राणी अंत में विष्णु लोक को जाते हैं. इस कामिका एकादशी के महात्म्य को सुनने या पढ़ने से मनुष्य स्वर्गलोक को प्राप्त करते हैं|
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