धर्म-अध्यात्म

Kamika Ekadashi: सावन की पहली एकादशी पर बन रहे हैं विशेष संयोग, जानें तिथि, पूजा विधि

Sarita
12 July 2025 9:31 AM IST
Kamika Ekadashi: सावन की पहली एकादशी पर बन रहे हैं विशेष संयोग, जानें तिथि, पूजा विधि
x
Kamika Ekadashi: हिंदू धर्म में हर तिथि और हर वार का बहुत महत्व होता है. हर महीने में दो एकादशी तिथियां आती हैं, एक शुक्ल पक्ष की और एक कृष्ण पक्ष की. हर एकादशी तिथि का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन सालभर में आने वाली 24 एकादशी तिथियों में कामिका एकादशी का विशेष महत्व है. क्योंकि, यह सावन माह में आती है. यह एकादशी सावन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ती है|
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा कर देते हैं. इस बार कामिका एकादशी पर विशेष संयोग बन रहे हैं, जिसमें गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन को और भी खास बना रहे हैं. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं तिथि और शुभ मुहूर्त|
कब मनाई जाएगी कामिका एकादशी|
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 20 जुलाई को होगी. 21 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर एकादशी तिथि होगी. वहीं, 21 जुलाई को सुबह 09 बजकर 38 मिनट पर एकादशी तिथि का समापन होगा. इस प्रकार 21 जुलाई को कामिका एकादशी मनाई जाएगी|
कामिका एकादशी व्रत का लाभ:
कामिका एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. इस व्रत के पुण्य प्रभाव से ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति मिलती है. श्रीहरि के आशीर्वाद से पाप मिटते हैं और मोक्ष मिलता है|
एकादशी व्रत के दिन क्या करें:
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लें. पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान श्रीहरि को प्रिय माना जाता है. भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा करें. इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है|
Next Story