- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Kalashtami Vrat Katha:...
धर्म-अध्यात्म
Kalashtami Vrat Katha: वैशाख कालाष्टमी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, शत्रुओं से मिलेगी मुक्ति
Sarita
20 April 2025 8:20 AM IST

x
Kalashtami Vrat Katha: हिंदू धर्म में हर महीने आने वाली कालाष्टमी काल भैरव की पूजा के लिए बहुत खास मानी गई है. कालाष्टमी का व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है. वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत आज यानी 20 अप्रैल को रखा जा रहा है. इस दिन पर निशिता मुहूर्त में काल भैरव की पूजा का विधान है. पूजा और व्रत के अलावा इस दिन व्रत कथा का पाठ करना लाभदायक होता है|
मासिक कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के उग्र अवतार यानी कालभैरव देव की पूजा करने का विधान है. कालभैरव की पूजा तंत्र-मत्र के देवता के रूप में भी की जाती है. ऐसे में आप इस दिन पर कालभैरव की पूजा-अर्चना द्वारा शुभ फलों की प्राप्ति कर सकते हैं. साथ ही, इस दिन कालाष्टमी व्रत कथा का पाठ करने से दुश्मनों और हर भय से मुक्ति मिलती है|
कालाष्टमी व्रत कथा:
पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय में ब्रह्मा जी ने भगवान शिव का अपमान किया. इस अपमान से क्रोधित होकर शिवजी ने अपने रौद्र रूप में काल भैरव का अवतार लिया. काल भैरव ने ब्रह्मा जी के पांचवें सिर को काट दिया. इसके बाद, ब्रह्मा जी ने काल भैरव बाबा से क्षमा मांगी, जिसके बाद काल भैरव शांत हुए|
लेकिन ब्रह्मा जी के सिर को काटने के कारण बाबा भैरव पर ब्रह्महत्या का पाप लग गया. इसके बाद भगवान शिव ने भैरव को ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने का उपाय बताते हुए उन्हें पृथ्वी पर जाकर प्रायश्चित करने को कहा. इसके बाद बाबा भैरव ने शिवजी के बताये हुए रास्ते पर चलते हुए कई वर्षों तक पश्चाताप किया और अंत में काशी में उनकी यह यात्रा पूर्ण हुई|
काल भैरव को ब्रह्महत्या से मुक्ति बाबा विश्वनाथ की नगरी में मिली, जहां वे काशी के कोतवाल बनकर हमेशा के लिए वहां के होकर रह गए. काल भैरव को शिवजी का एक स्वरूप माना जाता है और वे भक्तों के भय और संकटों को दूर करते हैं|
कालाष्टमी व्रत का महत्व:
कालाष्टमी का व्रत रखने से भक्तों को कई लाभ होते हैं:-
कालाष्टमी का व्रत करने से भय और संकट से मुक्ति मिलती है.
कालाष्टमी का व्रत करने जादू-टोने और तंत्र-मंत्र से सुरक्षा मिलती है.
कालाष्टमी का व्रत जीवन में समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है.
कालाष्टमी का व्रत नवग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है|
TagsKalashtamiVrat Kathaवैशाखकालाष्टमीव्रत कथाशत्रुओंमुक्तिKalashtamiVaishakhenemiessalvationजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





