धर्म-अध्यात्म

Jyotish Shastra: किस ग्रह के कारण होता है निमोनिया रोग, जानिए ज्योतिष के अनुसार कौन सा रत्न करें धारण

Sarita
11 Nov 2025 8:10 AM IST
Jyotish Shastra: किस ग्रह के कारण होता है निमोनिया रोग, जानिए ज्योतिष के अनुसार कौन सा रत्न करें धारण
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Jyotish Shastra: ज्योतिष न केवल ग्रहों की चाल का वर्णन करता है, बल्कि व्यक्ति के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को भी दर्शाता है। कुंडली में बारह भाव होते हैं, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। छठा भाव बीमारी और स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है, आठवां भाव दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि बारहवां भाव व्यय और अस्पतालों से संबंधित है।
ग्रहों के प्रभाव से होने वाले रोग:
कुंडली में छठा भाव बीमारी का भाव माना जाता है, और इसके स्वामी को षष्ठेश कहा जाता है। यह भाव व्यक्ति के स्वास्थ्य और बीमारियों को दर्शाता है। यदि इस भाव में शुभ ग्रह मौजूद हों, तो बीमारियाँ कम प्रभावित करती हैं और व्यक्ति स्वस्थ रहता है। अशुभ ग्रहों के प्रभाव से कुछ राहत मिलने पर भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है और लंबी आयु जी सकता है।
ज्योतिष के अनुसार निमोनिया कैसे होता है:
निमोनिया सर्दी-जुकाम का एक गंभीर रूप है, जो फेफड़ों में संक्रमण और सूजन का कारण बनता है। यह रोग ज्यादातर बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है, और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को इसका खतरा अधिक होता है। ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य, बृहस्पति और मंगल मिथुन, सिंह या कुंभ राशि में गोचर करते हैं, तो निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है।
निमोनिया से बचाव के लिए रत्न:
ज्योतिष में रत्नशास्त्र पद्धति के अनुसार, निमोनिया से राहत पाने के लिए रत्न विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। लाल मूंगा और पीला पुखराज धारण करने से रोग का प्रभाव कम होता है और स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह साधना प्राचीन काल से चली आ रही है और गंभीर बीमारियों से राहत दिलाने में आज भी उपयोगी साबित होती है।
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