धर्म-अध्यात्म

Jyeshtha Purnima 2025: जानें जून में कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय

Sarita
31 May 2025 6:37 AM IST
Jyeshtha Purnima 2025:  जानें जून में कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि, पूजा विधि और चंद्रोदय का समय
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Jyeshtha Purnima 2025: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को चंद्र देव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी चमक के साथ दिखाई देता है। इस तिथि को प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यदि पूर्णिमा पर चंद्र देवता को अर्घ्य दिया जाए, तो साधक को मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। इसके अलावा पूर्णिमा पर स्नान, दान व भगवान विष्णु की पूजा करने का भी विधान है। इसके प्रभाव से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी और कुंडली से दोष दूर होते हैं। इस दौरान सभी माह में ज्येष्ठ पूर्णिमा को विशेष माना जाता है। इसका कारण है निर्जला एकादशी। ऐसे में ज्येष्ठ माह में भगवान विष्णु की उपासना के लिए भक्तों को दो शुभ संयोग प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं कि ज्येष पूर्णिमा कब है।
कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 :
पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह में पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा 11 जून 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 40 मिनट रहेगा।
पूर्णिमा पूजा विधि:
पूर्णिमा पर सुबह ही स्नान कर लें।
फिर पूजा के लिए सभी सामग्री को एक स्थान पर रख लें।
सबसे पहले एक चौकी लेकर उसपर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें।
अब प्रभु का गंगाजल से अभिषेक करें और उन्हें फूल अर्पित करें।
इसके बाद पीली मिठाई का भोग लगाएं।
घी का दीपक जला लें।
विष्णु जी के मंत्रों का जप करें।
प्रभु की आरती करें
इस दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल डालकर खीर का भोग लगा दें।
रात को चंद्रमा की आराधना करें और एक लोटे में कच्चा दूध डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
चंद्र मंत्र
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र
दधिशंख तुषाराभं क्षीरॊदार्णव संभवम्।
नमामि शशिनं सॊमं शम्भोर्मकुट भूषणम्॥
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