धर्म-अध्यात्म

Janaki Jayanti 2026: कब है जानकी जयंती,जाने नोट करें तिथि, पूजा विधि और महत्व

Sarita
3 Feb 2026 8:48 AM IST
Janaki Jayanti 2026: कब है जानकी जयंती,जाने नोट करें तिथि, पूजा विधि और महत्व
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Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती माता सीता के धरती पर अवतरण के उपलक्ष्य में मनाई जाती है. हर साल यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. साल 2026 में जानकी जयंती 9 फरवरी को मनाई जाएगी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को राजा जनक को हल चलाते समय माता सीता भूमि के भीतर से प्राप्त हुई थीं. इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है|
जानकी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त:
अष्टमी तिथि आरंभ: 9 फरवरी 2026, प्रातः 05:01 बजे से
अष्टमी तिथि समाप्त: 10 फरवरी 2026, प्रातः 07:27 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक (पूजा के लिए श्रेष्ठ समय)
जानकी जयंती पूजा विधि :
स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद माता सीता और भगवान श्रीराम का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें|
पूजा स्थान की तैयारी: एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर माता सीता एवं भगवान श्रीराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. साथ ही राजा जनक और माता सुनयना की भी पूजा करें|
अभिषेक और श्रृंगार: माता सीता का गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें लाल चुनरी, चूड़ियाँ, सिंदूर, बिंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करें|
भोग: फल, फूल और घर में बने भोग अर्पित करें|
मंत्र: ‘ॐ जानकीवल्लभाय नमः’ मंत्र का जाप करें.
कथा और आरती: माता सीता के जन्म की कथा पढ़ें या सुनें. अंत में आरती कर पूजा संपन्न करें|
जानकी जयंती का महत्व:
जानकी जयंती के दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से घर में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है. यह पर्व माता सीता के त्याग, पतिव्रता धर्म, धैर्य और पवित्रता के गुणों को स्मरण करने का अवसर है. मान्यता है कि जिन कन्याओं के विवाह में देरी हो रही है, उन्हें इस दिन व्रत रखने से मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है|
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