धर्म-अध्यात्म

Jai Jagannath इन संदेशों से दें रथ यात्रा की बधाई

Ratna Netam
16 July 2026 3:12 PM IST
Jai Jagannath  इन संदेशों से दें रथ यात्रा की बधाई
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New Delhi नई दिल्ली : हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक उत्सवों में शामिल भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ आज 16 जुलाई 2026 से हो गया है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि से शुरू हुई यह पावन यात्रा भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक मानी जाती है। इस धार्मिक आयोजन में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा विशेष रूप से शामिल होते हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा के दर्शन के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने और उनके दर्शन करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

परंपरा के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा तीन अलग-अलग भव्य रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। यह यात्रा भगवान के अपने भक्तों के बीच आने और उन्हें दर्शन देने का प्रतीक मानी जाती है।

जगन्नाथ रथ यात्रा कुल नौ दिनों तक चलती है। इस वर्ष यह धार्मिक उत्सव 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 को समाप्त होगा। यात्रा के दौरान भक्त बड़ी संख्या में भगवान के रथों के दर्शन करने पहुंचेंगे। पूरे माहौल में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह देखने को मिलेगा।

रथ यात्रा के शुभ अवसर पर श्रद्धालु अपने परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों को भगवान जगन्नाथ की भक्ति से जुड़े संदेश भेजकर शुभकामनाएं भी देते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग एक-दूसरे को इस पावन पर्व की बधाई दे रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। जगन्नाथ मंदिर की परंपराएं और रथ यात्रा सदियों पुरानी हैं। हर वर्ष आषाढ़ महीने में इस भव्य यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस दौरान भगवान अपने मंदिर से बाहर निकलकर भक्तों को दर्शन देते हैं।

रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देती है। इसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं और बिना किसी भेदभाव के भगवान के रथ को खींचते हैं। यही कारण है कि इस यात्रा को भाईचारे और समानता का प्रतीक भी माना जाता है।

इस पवित्र अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा कर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भक्त पूरे उत्साह के साथ “जय जगन्नाथ” के जयकारे लगाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान की आराधना करने वाले भक्तों पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है।

रथ यात्रा का यह पावन पर्व हर वर्ष लाखों लोगों को आस्था और भक्ति के सूत्र में जोड़ता है। 2026 की जगन्नाथ रथ यात्रा भी श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो चुकी है, जो 24 जुलाई तक भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी।

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