धर्म-अध्यात्म

घर में बरकत चाहते हैं तो इन 5 पौधों को रखें ऊंची जगह

Ratna Netam
10 Sept 2026 8:52 PM IST
घर में बरकत चाहते हैं तो इन 5 पौधों को रखें ऊंची जगह
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धर्म : घर में पौधे लगाना न सिर्फ सजावट और हरियाली के लिए अच्छा माना जाता है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी कई पौधों को सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। मनी प्लांट, तुलसी, जेड प्लांट, लकी बैम्बू और पीस लिली जैसे पौधों को अक्सर घर में शुभ माना जाता है। हालांकि वास्तु मान्यताओं में केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि उसकी दिशा, स्थान और देखभाल को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
कुछ लोग इन पौधों को सीधे फर्श या जमीन पर रख देते हैं, जबकि सजावटी और व्यावहारिक दृष्टि से इन्हें प्लांट स्टैंड या ऊंचे गमले में रखना बेहतर हो सकता है। इससे जल निकासी आसान होती है, फर्श पर नमी कम पड़ती है और बेल वाले पौधों को ऊपर की ओर बढ़ने का सहारा मिलता है। लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पौधों को स्टैंड पर रखने से घर में पैसा आने की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। धन-समृद्धि से जुड़ी बातें वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं का हिस्सा हैं।
1. मनी प्लांट
घर में धन और समृद्धि से सबसे ज्यादा जोड़ा जाने वाला पौधा मनी प्लांट है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में इसे आर्थिक तरक्की और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
हाल की वास्तु सलाह में मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को शुभ बताया गया है। उत्तर दिशा भी कुछ मान्यताओं में करियर और आर्थिक अवसरों से जुड़ी बताई जाती है। वहीं इसकी बेल को नीचे जमीन पर फैलने देने से बचने और ऊपर की ओर चढ़ाने की सलाह दी जाती है।
इसी वजह से मनी प्लांट को किसी स्टैंड, हैंगिंग पॉट या ऐसे सपोर्ट पर रखना सुविधाजनक हो सकता है जहां उसकी बेल ऊपर की ओर बढ़ सके।
अगर मनी प्लांट मिट्टी में लगाया गया है तो गमले में जल निकासी के छेद जरूर होने चाहिए। पानी जमा रहने से जड़ें सड़ सकती हैं। बहुत तेज सीधी धूप से भी इसकी पत्तियां खराब हो सकती हैं।
वास्तु मान्यता के अनुसार मनी प्लांट को गंदे, अंधेरे या बेतरतीब कोने में रखने से बचने की सलाह भी दी जाती है।
2. जेड प्लांट
दूसरा पौधा है जेड प्लांट। इसकी छोटी, मोटी और गोल पत्तियां इसे बेहद आकर्षक बनाती हैं। वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी मान्यताओं में जेड प्लांट को आर्थिक स्थिरता और ग्रोथ से जोड़ा जाता है।
इसे टेबल, खिड़की के पास बने स्टैंड या छोटे प्लांट स्टैंड पर रखा जा सकता है।
जेड प्लांट सक्युलेंट श्रेणी का पौधा है, इसलिए इसे बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। इसकी मिट्टी को लगातार गीला रखने से जड़ें खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
इसके लिए ऐसी जगह बेहतर रहती है जहां पर्याप्त रोशनी मिले लेकिन पौधा लंबे समय तक बहुत तेज धूप में न रहे।
वास्तु मानने वाले लोग इसे घर या कार्यालय में आर्थिक अवसरों से जोड़कर देखते हैं। हालांकि यहां भी यह बात याद रखना जरूरी है कि पौधा केवल प्रतीकात्मक महत्व रखता है, वित्तीय सफलता वास्तविक आय, खर्च और निवेश जैसे कारकों पर निर्भर करती है।
3. लकी बैम्बू
लकी बैम्बू भी घरों और ऑफिस में काफी लोकप्रिय है। छोटे आकार और कम जगह में आसानी से रखे जाने के कारण इसका इस्तेमाल सजावटी पौधे के तौर पर खूब होता है।
वास्तु और फेंगशुई की मान्यताओं में लकी बैम्बू को सौभाग्य, आर्थिक सफलता और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा को इसके लिए शुभ बताया जाता है।
लकी बैम्बू को छोटे ऊंचे स्टैंड, सेंटर टेबल या शेल्फ पर रखा जा सकता है।
अगर इसे पानी में उगाया जा रहा है तो पानी नियमित रूप से बदलना चाहिए। गंदा या रुका हुआ पानी पौधे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
पानी साफ रखने के साथ पौधे की पीली या सूखी पत्तियों को हटाते रहना चाहिए।
कुछ वास्तु मान्यताओं में पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा रखना ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। सूखे और मृत पौधों को घर के अंदर रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
4. तुलसी
भारतीय घरों में तुलसी का महत्व केवल सजावट तक सीमित नहीं है। इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष स्थान प्राप्त है।
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में तुलसी को सकारात्मकता, शांति और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखने की सलाह दी जाती है।
तुलसी के गमले को जमीन से थोड़ा ऊपर बने स्टैंड या तुलसी चौरे पर रखना आम परंपरा भी है।
व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो इससे गमले के नीचे पानी जमा होने की समस्या कम की जा सकती है और आसपास साफ-सफाई रखना आसान होता है।
तुलसी को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। इसकी मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी भरना नुकसानदायक हो सकता है। हाल की गार्डनिंग सलाह में भी मिट्टी की नमी देखकर पानी देने और पौधे को पर्याप्त धूप देने की बात कही गई है।
तुलसी की मंजरी को समय-समय पर हटाने और ऊपर की टिप की हल्की कटिंग करने से पौधा ज्यादा घना हो सकता है।
5. पीस लिली
पांचवां पौधा है पीस लिली। अपनी चमकदार हरी पत्तियों और सफेद फूलों के कारण यह लोकप्रिय इंडोर प्लांट है।
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में पीस लिली को मानसिक शांति, सकारात्मक वातावरण और समृद्धि से जोड़ा गया है।
इसे लिविंग रूम या घर के किसी रोशनी वाले हिस्से में प्लांट स्टैंड पर रखा जा सकता है।
इस पौधे को बहुत तेज सीधी धूप की तुलना में उजली लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी ज्यादा पसंद होती है। गमले में पानी निकासी की व्यवस्था भी जरूरी है।
प्लांट स्टैंड का फायदा यह है कि पौधा कमरे की सजावट का हिस्सा भी बन जाता है और फर्श पर पानी या मिट्टी फैलने की संभावना कम की जा सकती है।
पौधों को स्टैंड पर रखने के क्या फायदे?
पौधों को स्टैंड पर रखने की चर्चा अक्सर वास्तु के साथ जोड़ दी जाती है, लेकिन इसके कई व्यावहारिक फायदे भी हैं।
स्टैंड पर रखे गमलों के नीचे सफाई करना आसान होता है। पानी सीधे फर्श पर जमा होने से बचाया जा सकता है और लकड़ी या पत्थर के फर्श पर लगातार नमी से होने वाले निशानों की आशंका कम होती है।
इसके अलावा छोटे बच्चों या पालतू जानवरों वाले घर में कुछ पौधों को उनकी पहुंच से दूर रखने में भी स्टैंड मददगार हो सकता है।
हालांकि अगर घर में पालतू जानवर हैं तो किसी भी पौधे को लगाने से पहले उसकी विषाक्तता की जानकारी जरूर लें, क्योंकि सभी सजावटी पौधे पशुओं के लिए सुरक्षित नहीं होते।
सूखे पौधे घर में न रखें
वास्तु से जुड़ी कई सलाह में सूखे, मुरझाए और मृत पौधों को घर के अंदर न रखने की बात कही जाती है। ऐसी मान्यताओं में स्वस्थ और हरे-भरे पौधों को सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।
व्यावहारिक रूप से भी मुरझाए पौधों को समय पर हटाना अच्छा है, क्योंकि सड़ी हुई जड़ों और खराब मिट्टी में फंगस या कीट विकसित हो सकते हैं।
इसलिए केवल नया पौधा खरीदकर स्टैंड पर रख देना पर्याप्त नहीं है। उसकी नियमित देखभाल भी जरूरी है।
दिशा का भी रखा जाता है ध्यान
वास्तु में अलग-अलग पौधों के लिए अलग दिशाएं बताई जाती हैं।
मनी प्लांट और लकी बैम्बू के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को अक्सर शुभ माना जाता है, जबकि तुलसी के लिए पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की सलाह दी जाती है।
हालांकि पौधे की वास्तविक जरूरत को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि वास्तु के अनुसार चुनी गई दिशा में बिल्कुल धूप नहीं आती और पौधे को धूप चाहिए, तो पौधा कमजोर हो सकता है। ऐसे में पौधे के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना ज्यादा व्यावहारिक है।
बहुत ज्यादा पानी सबसे बड़ी गलती
घर के अंदर रखे पौधों के खराब होने की एक आम वजह जरूरत से ज्यादा पानी देना है।
अक्सर लोग हर दिन पौधे में पानी डाल देते हैं, भले ही उसकी मिट्टी पहले से गीली हो।
तुलसी की देखभाल से जुड़ी हाल की सलाह में भी रोज पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर पानी देने की बात कही गई है।
मनी प्लांट, जेड और दूसरे इनडोर पौधों के लिए भी गमले की जल निकासी महत्वपूर्ण है।
इसलिए स्टैंड चुनते समय उसके नीचे ट्रे जरूर रखें ताकि अतिरिक्त पानी इकट्ठा हो सके और फर्श खराब न हो।
केवल पौधों पर निर्भर न रहें
वास्तु में पौधों को धन, सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इन मान्यताओं को आर्थिक सफलता का निश्चित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।
घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए आमदनी बढ़ाना, अनावश्यक खर्च कम करना, बचत और सोच-समझकर निवेश करना कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
पौधे घर के वातावरण को सुंदर और सुकून भरा जरूर बना सकते हैं। वास्तु में विश्वास रखने वाले लोग इन्हें शुभ प्रतीक के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस लिहाज से मनी प्लांट, जेड प्लांट, लकी बैम्बू, तुलसी और पीस लिली को स्टैंड पर अच्छी जगह देकर रखना घर की सजावट और पौधों की देखभाल—दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है। बस उन्हें स्वस्थ रखना, सही रोशनी देना और जरूरत के मुताबिक पानी देना न भूलें।
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