धर्म-अध्यात्म

Holika Dahan 2026: जानें होलिका की आग में उपले क्यों चढ़ाया जाता है

Sarita
24 Feb 2026 9:42 AM IST
Holika Dahan 2026:   जानें होलिका की आग में उपले क्यों चढ़ाया जाता है
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Holika Dahan 2026: हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। अगले दिन रंगों से होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस साल होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा। होलिका दहन लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा त्योहार है।
यह सिर्फ लकड़ी और गोबर के उपले जलाने की परंपरा नहीं है, बल्कि जब होलिका जलती है, तो ऐसा लगता है जैसे सारी नेगेटिविटी जल रही हो। होलिका की आग में घर का पुराना सामान, खासकर गोबर के उपले चढ़ाए जाते हैं। आइए जानें ऐसा क्यों किया जाता है। इसके पीछे क्या राज है?
होलिका में पुराना सामान और गोबर के उपले क्यों डाले जाते हैं?
ऐसा माना जाता है कि होलिका की आग में घर का पुराना सामान और गोबर के उपले चढ़ाने से नेगेटिविटी और बीमारी दूर होती है। इससे घर से दुख, बीमारी और गरीबी दूर होती है और मानसिक शुद्धि होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय को पवित्र माना जाता है। उसका गोबर पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए होलिका दहन के दौरान गाय के गोबर के कंडे जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
परंपरा के पीछे का राज
कहा जाता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी फैलती है। होलिका दहन के दौरान गाय के गोबर के कंडे जलाने के पीछे वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों कारण बताए जाते हैं। माना जाता है कि गाय के गोबर के कंडों से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और नुकसानदायक कीटाणुओं को खत्म करता है। इसीलिए गाय के गोबर का इस्तेमाल यज्ञ और हवन में भी किया जाता है।
होलिका दहन की आग में गाय के गोबर के कंडे चढ़ाने से परिवार से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि आती है। इसीलिए लोग आज भी इस परंपरा को निभाते हैं।
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