धर्म-अध्यात्म

Holi 2026: होली पर सुख-शांति और समृद्धि के लिए इन 7 स्थानों पर जलाएं दीपक

Sarita
2 March 2026 7:40 AM IST
Holi 2026: होली पर सुख-शांति और समृद्धि के लिए इन 7 स्थानों पर जलाएं दीपक
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Holi 2026: धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार होली की रात्रि को वर्ष की चार महारात्रियों में एक माना गया है। अन्य तीन महारात्रियां हैं- महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी और दीपावली। जैसे इन रात्रियों में साधना, जप और दीपदान का विशेष महत्व है, वैसे ही होली की रात भी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। इस दिन विधिपूर्वक कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
1. मुख्य द्वार पर दीपक:
घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। होली की रात्रि को मुख्य द्वार के दोनों ओर घी का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि इससे दरिद्रता और बाधाएँ दूर होती हैं तथा माता लक्ष्मी का आगमन होता है।
2. तुलसी के पास दीपक:
आँगन या बालकनी में स्थापित तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। तुलसी को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। होली की रात यहाँ दीपक जलाने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति में वृद्धि होती है तथा पारिवारिक कलह शांत होता है।
रसोईघर अन्नपूर्णा का स्थान है। इस दिन रसोई के एक स्वच्छ कोने में सरसों के तेल का दीपक जलाने से अन्न-धन की कमी नहीं रहती। मान्यता है कि इससे घर में अन्न का भंडार भरा रहता है और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
4. पूजा स्थान में अखंड दीप:
होली की रात्रि को पूजा घर में घी का दीपक जलाकर ईश्वर का स्मरण करना विशेष फलदायी माना गया है। यदि संभव हो तो कुछ समय के लिए अखंड दीप जलाएँ। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और घर में आध्यात्मिक वातावरण बनता है।
5. पीपल या किसी पवित्र वृक्ष के नीचे:
यदि आसपास पीपल का वृक्ष हो तो होली की रात वहाँ दीपक जलाकर सात परिक्रमा करने की परंपरा भी है। यह उपाय पितृ दोष और ग्रह बाधाओं को शांत करने वाला माना गया है। इससे जीवन में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे समाप्त होती हैं।
6. होलिका दहन स्थल पर दीपदान:
होलिका दहन के बाद अग्नि के समीप दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना शुभ माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार प्रह्लाद की भक्ति और होलिका के दहन का प्रतीक यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय दर्शाता है। यहाँ दीपक जलाने से जीवन की नकारात्मक शक्तियाँ नष्ट होती हैं।
7. घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में दीपक:
वास्तु मान्यता के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और सुरक्षा की दिशा मानी जाती है। यहाँ दीपक जलाने से परिवार में स्थायित्व और आपसी विश्वास बढ़ता है तथा आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
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