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Holi 2025 : होलिका दहन आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Sarita
13 March 2025 7:09 AM IST
Holi 2025 :  होलिका दहन आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय
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Holi 2025 : जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और वे उपाय जो आपके जीवन में शुभता और सफलता लाएंगे।
होलिका दहन कहां और किस दिशा में करें? (Holika Dahan Direction and Place)
होलिका दहन के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है।
यदि यह संभव न हो, तो होलिका दहन दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) को छोड़कर किसी भी दिशा में कर सकते हैं।
पूजा के दौरान मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।
होलिका दहन खुले स्थान में करना चाहिए, ताकि दहन की अग्नि सुरक्षित रूप से जल सके।
यदि संभव हो तो, पुराने होलिका दहन स्थल पर ही अग्नि प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
मंदिर या पवित्र स्थान के समीप होलिका दहन करने से अधिक सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
भद्रा काल में क्यों नहीं किया जाता होलिका दहन
भद्रा का काल शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, और इसलिए होलिका दहन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भद्रा काल में नहीं किया जाता। भद्रा का समय विशेष रूप से कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशियों में चंद्रमा के गोचर के दौरान होता है, जब भद्रा पृथ्वी लोक पर रहती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है, और उसका स्वभाव क्रोधी माना जाता है। ब्रह्माजी ने भद्रा को काल गणना के एक प्रमुख अंग विष्टी करण में स्थान दिया था ताकि उनके क्रोध को नियंत्रित किया जा सके। पंचांग में करणों की संख्या 11 होती है, जिसमें 7वां करण विष्टि कहलाता है, और इस समय को अशुभ माना जाता है। इसलिए इस काल में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, उत्सव या शुभ कार्यों का आरंभ या समापन नहीं किया जाता।
आज होलिका दहन पर भद्रा कब से कब तक
कब तक रहेगी भद्रा? (Bhadra Timing on Holika Dahan)
भद्रा आरम्भ: मार्च 13, 2025, बृहस्पतिवार को प्रातः 10:35 बजे
भद्रा समाप्त: मार्च 13, 2025, बृहस्पतिवार को रात्रि 11:26 बजे
भद्रा पूँछ - सायं 06:57 से रात्रि 08:14 तक
भद्रा मुख - रात्रि 08:14 से रात्रि 10:22 तक
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
भद्रा काल: 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे से रात 11:26 बजे तक
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त: वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 13 मार्च को रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है, इसलिए भद्रा समाप्ति के बाद ही दहन करना शुभ होता है।
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च 2025 को दोपहर 12:23 बजे
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