धर्म-अध्यात्म

Hartalika Teej 2025: इन चीजों के बिना अधूरा है व्रत

Sarita
24 Aug 2025 7:22 AM IST
Hartalika Teej 2025: इन चीजों के बिना अधूरा है व्रत
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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज का व्रत सुहागिनों का सबसे महत्वपू्र्ण व्रत माना जाता है. हरतालिका तीज का पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन की याद में रखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन महिलाएं अपने अखंड सुहाग, दांपत्य सुख और अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस खास मौके पर व्रत से जुड़े नियमों के साथ-साथ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का भी विशष महत्व होता है. हरतालिका तीज 26 अगस्त को है|
पूजन सामग्री :
मूर्ति के लिए - बालू रेत या गीली मिट्टी,गाय का गोबर, गुड़ , मक्खन और भस्म मिलाकर
अभिषेक के लिए - पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), गन्ने का रस, गंगाजला, शुद्ध जल.
शिवलिंग-पार्वती पर क्या चढ़ाए - बेल पत्र, अक्षत, सुधतूरे का फल और फूल, अकांव का फूल, जनेऊ, वस्त्र, मौसमी फल-फूल, नारियल, कलश, अबीर, चंदन, घी, कपूर, कुमकुम, दीपक|
शिव जी को चढ़ाने के लिए 16 पत्तियां - बेलपत्र, तुलसी, जातीपत्र, सेवंतिका, बांस, देवदार पत्र, चंपा, कनेर, अगस्त्य, भृंगराज, धतूरा, आम पत्ते, अशोक के पत्ते, पान पत्ते, केले के पत्ते और शमी के पत्ते|
मां पार्वती की सुहाग सामग्री - मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, सुहाग पिटारी|
हरतालिका तीज दान सामग्री - चावल, आटा, नमक, वस्त्र, सुहाग की सामग्री का दान करें|
हिंदू मान्यता के अनुसार पति की लंबी आयु और मनचाहा वर पाने के लिए हरतालिका तीज का व्रत निर्जल रखा जाता है|
यदि आप हरतालिका तीज की पूजा को प्रात:काल के शुभ मुहूर्त में किसी कारण न कर पाएं तो आप प्रदोष काल में इस पूजा को करके पुण्यफल प्राप्त कर सकती हैं|
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