धर्म-अध्यात्म

Hanuman Jayanti आज, इस मुहूर्त में करें पवनपुत्र की पूजा

Tara Tandi
12 April 2025 10:47 AM IST
Hanuman Jayanti आज, इस मुहूर्त में करें पवनपुत्र की पूजा
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Hanuman Jayanti ज्योतिष न्यूज़ :12 अप्रैल को पूरे देश में हनुमान जयंती मनाई जा रही है। भगवान हनुमान की जयंती हिंदू धर्म में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। बजरंगबली को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। हनुमान जयंती के दिन भगवान हनुमान की विशेष तरीके से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है, क्योंकि उन्हें आठ सिद्धियां और नौ निधियां प्राप्त हैं। यह पवित्र त्यौहार हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
हनुमान जयति 2025 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव तिथि 12 अप्रैल यानि आज सुबह 3:21 बजे शुरू हो गई है और यह तिथि 13 अप्रैल यानि कल सुबह 5:51 बजे समाप्त होगी। इसलिए हनुमान जयंती का पर्व 12 अप्रैल 2025 यानि आज मनाया जा रहा है। आज हनुमान जयंती पर पूजा का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 34 मिनट से लेकर 9 बजकर 12 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम 6:46 बजे से रात 8:08 बजे तक रहेगा। इस अवधि में आप कोई शुभ कार्य भी आरंभ कर सकते हैं।
हनुमान जयंती का महत्व
भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। वे शक्ति, भक्ति और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इनकी पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश होता है। इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की पूजा के साथ भगवान राम और माता सीता की भी पूजा करनी चाहिए, क्योंकि श्री राम की पूजा के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है।
हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जयंती के दिन मारुति नंदन की पूजा करने से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं। हनुमान जयंती के दिन भगवान हनुमान के साथ भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और लाल या पीले वस्त्र पहनें। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, लाल फूल, तुलसी दल, चोला और बूंदी के लड्डू का प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ करें। इस दिन अखण्ड रामायण का पाठ भी शुभ माना जाता है। अंत में पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें। इस अवसर पर कई भक्त उपवास भी रखते हैं।
हनुमान जयंती पर करें ये उपाय
संकटमोचन अपने भक्तों के संकट हरने के लिए जाने जाते हैं। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हल्दी का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा हनुमान जी को सिंदूर भी बहुत प्रिय है। उनके जन्मदिन पर उन्हें सिंदूर चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
हनुमान जयंती वर्ष में दो बार क्यों मनाई जाती है?
हनुमान जन्मोत्सव साल में दो बार आता है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था। वहीं, दक्षिण भारत में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान हनुमान को देवी सीता ने अमरता का वरदान दिया था।
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