धर्म-अध्यात्म

Hanuman Jayanti vrat katha: हनुमान जयंती पर पूजा के दौरान जरूर पढ़ें ये चमत्कारी कथा, बजरंगबली करेंगे हर मनोकामना पूरी

Sarita
12 April 2025 7:39 AM IST
Hanuman Jayanti vrat katha:  हनुमान जयंती पर पूजा के दौरान जरूर पढ़ें ये चमत्कारी कथा, बजरंगबली करेंगे हर मनोकामना पूरी
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Hanuman Jayanti vrat katha: हनुमानजी का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन हुआ था. भक्तों का मंगल करने के लिए प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमानजी धरती पर अवतरित हुए थे. पवनपुत्र हनुमान को भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है. मान्यता है कि हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की पूजा करने के साथ लोग हनुमान चालिसा और रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड पाठ करते हैं. वहीं इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ हनुमान जी की इस चमत्कारी पौराणिक कथा का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं|
हनुमान जयंती की व्रत कथा:
कथा के अनुसार, एक बार अग्निदेव से मिली खीर को राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों को बांट दिया. कैकयी को जब खीर मिली तो चील ने झपट्टा मारकर उसे छीन लिया और उसे अपने मुंह में लेकर उड़ गई. उड़ते-उड़ते रास्ते में जब चील अंजना माता के आश्रम के ऊपर से गुजर रही थी तो माता अंजना ऊपर की ओर देख रही थी और उनका मुंह खुला होने की वजह से खीर उनके मुंह में गिर गई और उन्होंने उस खीर को गटक लिया. इससे उनके गर्भ में शिवजी के अवतार हनुमानजी आ गए और फिर उनका जन्म हुआ|
हनुमानजी के जन्म के विषय में दूसरी कथा यह है कि समुद्रमंथन के बाद जब भगवान शिव ने भगवान विष्णु का मोहिनी रूप देखने को कहा था जो उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान देवताओं और असुरों को दिखाया था. उनकी बात का मान रखते हुए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर लिया. भगवान विष्णु का आकर्षक रूप देखकर शिवजी आकर्षित होकर कामातुर हो गए और उन्होंने अपना वीर्य गिरा दिया. जिसे पवन देव ने शिव जी के वानर राजा केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कर दिया. इस तरह माता अंजना के गर्भ से वानर रूप में हनुमानजी का जन्म हुआ. उन्हें शिव का 11वां रूद्र अवतार माना जाता है|
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