धर्म-अध्यात्म

Gopashtami 2025: मनोकामनाओं की पूर्ति दिन है गोपाष्टमी पर्व, करलें ये 5 उपाय

Sarita
28 Oct 2025 10:06 AM IST
Gopashtami 2025: मनोकामनाओं की पूर्ति दिन है गोपाष्टमी पर्व, करलें ये 5 उपाय
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Gopashtami 2025: इस वर्ष गोपाष्टमी 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह पर्व प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। भगवान कृष्ण ने इसी दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गाय चराने का कार्य प्रारंभ किया था। इसलिए इस दिन को गोपाष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्त भगवान कृष्ण और फिर गौ माता और उनके बछड़े की पूजा करते हैं। शाम के समय वे गायों को चराने भी जाते हैं।
गोपाष्टमी के संबंध में एक प्रचलित कथा यह भी है कि जब गोवर्धन पूजा के बाद सात दिनों तक भारी वर्षा होती रही, तो अष्टमी तिथि को भगवान इंद्र ने हार मान ली थी। इसलिए इस दिन को गोपाष्टमी कहा जाता है। गोपाष्टमी पर कुछ उपाय करने से न केवल सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि भी आती है।
गोपाष्टमी के उपाय:
धन और उन्नति:
यदि आप अपने धन में वृद्धि चाहते हैं, तो इस दिन एक साबुत हल्दी और पाँच सफेद कौड़ियाँ लें। इसे गाय के माथे से लगाएँ और फिर सावधानी से एक पोटली में रख दें। इस पोटली को अपने धन-संग्रह स्थल या तिजोरी में रखें। दिन-प्रतिदिन उन्नति होगी। आपके धन में वृद्धि होगी।
सौभाग्य वृद्धि:
गोपाष्टमी के दिन गायों और बछड़ों को स्नान कराएँ और उनका श्रृंगार करें। इसके बाद, गायों को फूल, कुमकुम चढ़ाएँ और आलता, रोली और हल्दी लगाएँ। गाय की पूजा करें, उसकी परिक्रमा करें, उसे गुड़ खिलाएँ और शाम को गायों और बछड़ों को घुमाने ले जाएँ। शाम को घर लौटकर, गायों की फिर से पूजा करें और उन्हें हरा चारा और गुड़ खिलाएँ। इससे घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होगी। इससे सौभाग्य में वृद्धि होगी।
मनोकामना पूर्ति:
गाय को फल-फूल चढ़ाएँ, विधि-विधान से गाय की पूजा करें और उसकी आरती गाएँ। इससे एक साथ 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा हो जाएगी, क्योंकि मान्यता है कि गाय माता में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं और उनकी पूजा करने से सभी देवता प्रसन्न होते हैं। सभी कार्य सिद्ध होंगे और मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।
मानसिक शांति:
शाम के समय गौशाला में गंगाजल छिड़कें और गायों की सेवा करें। यदि घर में गौशाला न हो, तो अपनी क्षमतानुसार किसी अन्य गौशाला में गायों को खिलाने के लिए धन, दक्षिणा और अन्य वस्तुएँ दान करें। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और रोग-व्याधियाँ दूर होंगी।
यदि आपको लगता है कि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा है या आप नकारात्मकता से घिरे हुए हैं, तो आपको गोपाष्टमी के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर गाय का गोबर लगाना चाहिए। आप गोबर से स्वस्तिक का चिन्ह भी बना सकते हैं। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी और सकारात्मकता का संचार होगा।
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