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धर्म-अध्यात्म
Good Friday 2025: गुड फ्राइडे पर लोग चर्च में क्या प्रार्थना करते हैं, क्या है महत्व
Sarita
18 April 2025 7:44 AM IST

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Good Friday 2025: ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का बहुत अधिक महत्व होता है. यह दिन प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने और उनकी मृत्यु की याद में हर साल मनाया जाता है. इसे ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है, हालांकि यह शोक और चिंतन का दिन है, न कि किसी उत्सव का. गुड फ्राइडे ईसाइयों को यीशु मसीह के उस अंतिम और सबसे बड़े बलिदान की याद दिलाता है जो उन्होंने मानव जाति के पापों के प्रायश्चित के लिए दिया था. ईसाई मानते हैं कि यीशु ने स्वेच्छा से क्रूस पर दुख सहा और मरे ताकि वे पाप और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकें और मनुष्यों को ईश्वर के साथ मेल मिलाप का मार्ग प्रशस्त कर सकें|
ईसाई लोग मानते हैं कि यीशु की मृत्यु सभी मनुष्यों के पापों का प्रायश्चित है. उनके बलिदान के माध्यम से, विश्वासियों को क्षमा और अनन्त जीवन की आशा मिलती है. गुड फ्राइडे उस अंधेरी रात का प्रतिनिधित्व करता है जिसके बाद सुबह की रोशनी आती है. यह दिन ईसाइयों के लिए अपने पापों पर पश्चाताप करने और यीशु के बलिदान के अर्थ पर गहराई से विचार करने का समय है. यह उन्हें अपने जीवन में प्रेम, सेवा और बलिदान के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है|
चर्च में की जाती हैं ये प्रार्थनाएं:
गुड फ्राइडे के दिन, दुनिया भर के चर्च में यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने और मृत्यु के उपलक्ष्य में विशेष सेवाएं आयोजित की जाती हैं. ये सेवाएं आम तौर पर गंभीर और चिंतनशील होती हैं, जो मानवता के लिए यीशु द्वारा किए गए अपार बलिदान पर केंद्रित होती हैं.
गुड फ्राइडे के दिन चर्च में बाइबल से उन अंशों को पढ़ा जाता है जो यीशु के अंतिम दिनों, उनके दुख और क्रूस पर चढ़ने की कहानी बताते हैं. विशेष रूप से चारों सुसमाचारों (मैथ्यू, मार्क, ल्यूक और जॉन) में दिए गए जुनून के वृत्तांत पढ़े जाते हैं.
पादरी या पास्टर बाइबल के पाठों पर प्रवचन देते हैं, यीशु के बलिदान के महत्व और मानव जाति के लिए इसके अर्थ पर प्रकाश डालते हैं.
इस दिन लोग मिलकर प्रार्थना करते हैं, जिसमें दुनिया भर के चर्च, नेता, बीमार, दुखी और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रार्थनाएं शामिल होती हैं. अक्सर क्षमा और दया के लिए भी प्रार्थना की जाती है.
कई चर्चों में क्रूस को लाया जाता है और भक्त व्यक्तिगत रूप से उसे छूकर, झुककर या चूमकर यीशु के बलिदान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं.
कुछ परंपराओं में, गुड फ्राइडे की सेवा में पवित्र भोज (यूचरिस्ट या साम्य) भी शामिल हो सकता है, जिसमें दाखमधु का सेवन किया जाता है. हालांकि, कुछ अन्य परंपराओं में इस दिन साम्य नहीं दिया जाता है क्योंकि यह यीशु के बलिदान का दिन है.
गुड फ्राइडे का दिन मौन और गहरे चिंतन का दिन होता है. लोग यीशु के दुख और प्रेम पर मनन करते हैं|
गुड फ्राइडे प्रभु यीशु मसीह के मानव जाति के लिए किए गए अंतिम बलिदान को याद करने का दिन है. ईसाई मानते हैं कि यीशु ने उनके पापों के प्रायश्चित के लिए क्रूस पर अपनी जान दी थी. यह दिन यीशु के असीम प्रेम, करुणा और क्षमा का प्रतीक है. उन्होंने अपने विरोधियों के लिए भी प्रार्थना की. गुड फ्राइडे भक्तों के लिए अपने पापों पर पश्चाताप करने और ईश्वर से क्षमा मांगने का दिन है. भले ही यह शोक का दिन है, लेकिन यह ईस्टर संडे की उम्मीद की ओर भी इशारा करता है. यीशु का मृतकों में से जी उठना, जो पाप और मृत्यु पर विजय का प्रतीक है. गुड फ्राइडे के दिन चर्च में की जाने वाली प्रार्थनाएं और सेवाएं यीशु मसीह के दुख और बलिदान को याद करने, पश्चाताप करने, कृतज्ञता व्यक्त करने और ईस्टर में मिलने वाली आशा की तैयारी करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं|
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