धर्म-अध्यात्म

Ganesh Jayanti 2026 : तिलकुंद चतुर्थी पर इस सरल विधि से करें पूजा और उपाय,बनेंगे सारे काम

Sarita
22 Jan 2026 12:36 PM IST
Ganesh Jayanti 2026 : तिलकुंद चतुर्थी पर इस सरल विधि से करें पूजा और उपाय,बनेंगे सारे काम
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Ganesh Jayanti 2026 : 22 जनवरी 2026 को गणेश चतुर्थी है, जिसे कि तिलकुंद चतुर्थी, विनायकी चतुर्थी और वरद चतुर्थी भी कहते हैं. यह माघ महीने की दूसरी चतुर्थी है. इसमें भी तिल का भोग लगाने, तिल का सेवन करने और तिल का दान करना बहुत शुभ फलदायी होता है. साथ ही आज तिलकुंद चतुर्थी के दिन गुरुवार का भी संयोग बन रहा है, जो कि कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए विशेष होता है. आज चतुर्थी पर गणेश जी के साथ-साथ भगवान विष्‍णु की भी पूजा करें. ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है. गुरुवार के दिन भगवान विष्‍णु की पूजा करने और गुरु के उपाय करने से कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है और वह शुभ फल देते हैं|
चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा विधि :
सुबह स्‍नान के बाद पीले रंग के कपड़े पहनें. फिर पूजाघर की सफाई करके घर के मंदिर में भगवान गणेश का पंचामृत और जल से अभिषेक करें. पीले रंग के वस्‍त्र पहनाएं. उन्‍हें हार-फूल पहनाएं. लाल और पीले रंग के फूल का उपयोग करें. दूर्वा अर्पित करें. चावल, रोली कुमकुम अर्पित करें. तिल से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं. धूप दीप करें. गणेश जी की पूजा करते हुए 'ऊँ श्रीगणेशाय नमः' मंत्र का जप करें. कपूर जलाकर आरती करें. गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें. शाम को फिर से गणेशजी को भोग लगाएं. धूप-दीपक जलाएं और आरती करें. इसके बाद व्रत खोलें. तिलकुंद गणेश चतुर्थी के दिन पीले वस्त्र, पीली दाल, हल्दी, केला, चना दाल, गुड़, तिल और भोजन का दान करना शुभ फल देता है|
कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर है तो उसे मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन मंदिर में पूजन सामग्री जैसे कुमकुम, हार-फूल, प्रसाद, भगवान के वस्त्र, चंदन, घी, तेल और रूई आदि का दान करें. इसके अलावा गुरु ग्रह के मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का जप करें. भगवान को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और सभी को बांटें|
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